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हरिद्वार में कर्फ़्यू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तरांचल के हरिद्वार में पुलिस और व्यापारियों के बीच हुआ दंगा थमने का नाम नहीं ले रहा है और वहाँ कर्फ़्यू लगा दिया गया है. बुधवार को हरिद्वार में बंद रखा गया था जिसके दौरान बेक़ाबू भीड़ पर पुलिस को दो बार गोली चलानी पड़ी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और लगभग 27 घायल हो गए. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अनिल रतूड़ी ने कहा, "स्थिति बहुत तनावपूर्ण है और उसे नियंत्रण में लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं." एक छोटी सी घटना ने हरिद्वार में अब तक शाँतिपूर्ण ढँग से चल रहे अर्द्धकुँभ मेले को अस्त-व्यस्त कर दिया है. व्यापारियों का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने मंगलवार रात को एक महिला के साथ छेड़छाड़ की थी. पूरे शहर में तनाव और पुलिस के प्रति ग़ुस्सा है और यहाँ तक कि पुलिस अधिकारी भी दबे मुँह स्वीकार कर रहे हैं कि स्थिति नियँत्रण से बाहर होती जा रही है. व्यापारियों का कहना है कि मंगलवार की रात मेला ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों ने एक महिला के साथ छेड़खानी की जिसका व्यापारियों ने विरोध किया और पुलिस चौकी घेर ली. पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि कुछ पुलिस जवानों ने हर की पौड़ी में कई दुकानों को आग लगा दी, उनका सामान बाहर कर दिया और गोली चलाई. महिला के साथ छेड़छाड़ की घटना हर की पौड़ी में ही हुई थी. घटना के विरोध में बुधवार को पूरा शहर बँद रखा गया, लोगों ने जगह-जगह पुलिस के पुतले फूँके और धरना दिया. सरकार ने इस घटना की न्यायिक जाँच के आदेश दे दिए हैं और कहा है कि दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. राज्य के पुलिस महानिदेशक पीडी रतूड़ी ने बीबीसी को बताया कि दोषी पुलिस कर्मियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. |
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