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कड़ी सुरक्षा के बीच शबरी कुंभ शुरू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात के डांग ज़िले में शबरी कुंभ मेला कड़े सुरक्षा इंतज़ाम के बीच शुरू हुआ है. यहाँ सुरक्षा बलों के जवान बड़ी संख्या में तैनात किए गए हैं. इस मेले में हिस्सा लेने के लिए गुजरात के विभिन्न हिस्सों से लगभग डेढ़ लोग पहुँचे हैं. यह मेला 11 से 13 फ़रवरी तक चलेगा. ईसाइयों का आरोप रहा है कि इस मेले का आयोजन धर्म परिवर्तन के लिए किया गया है. हालांकि हिंदूवादी संगठनों ने आश्वासन दिया था कि इस मेले में धर्म परिवर्तन की कोई बात नहीं होगी. लेकिन मेले के पहले ही दिन में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा. गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में धर्मपरिवर्तन को ग़लत बताया. उनका कहना था कि ये नहीं होना चाहिए. मोदी का कहना था कि मुफ़्त शिक्षा और इलाज के नाम पर धर्म परिवर्तन नहीं चलेगा. इस आयोजन में प्रसिद्ध कथावाचक मुरारी बापू भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि बाइबिल भी धर्मपरिवर्तन को मना करती है. इस आयोजन में हिस्सा लेने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख सुदर्शन भी पहुँचे हैं. ईसाइयों की चिंता डांग ज़िले की आबादी लगभग एक लाख 80 हज़ार है. इसमें आठ हज़ार ईसाई आदिवासियों की संख्या है. गुजरात में 1998 में ईसाइयों के ख़िलाफ़ हिंसा की अनेक घटनाएँ घटित हुईं थीं. ईसाई इस मेले को लेकर चिंतित हैं. यहां तक कि गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा था कि वह ईसाई समुदाय की सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम करे. इसके अलावा गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को इन इलाक़ों के लिए रेपिड एक्शन फोर्स तैयार रखने की सलाह दी थी. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने तो केंद्र सरकार से कहा था कि वह इस मेले को रोकने के लिए कदम उठाए. शबरी शबरी के नाम पर इस मेले का आयोजन का किया गया है जो एक पौराणिक पात्र है और रामकथा में उसका उल्लेख मिलता है. शबरी एक भीलनी थीं और उन्होंने राम के वनवास के दौरान उन्हें चख चखकर जूठे बेर खिलाए थे ताकि उन्हें खट्टे बेर नहीं खाने पड़ें. हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि ये स्थल वही है जहाँ शबरी ने राम को बेर खिलाए थे और इसी स्थल पर शबरी माता का मंदिर बना दिया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें ईसाई से फिर हिंदू बने04 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस गुजरात में धर्मपरिवर्तन पर विवाद19 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस क़ब्रगाह की सीबीआई से जाँच की याचिका 28 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस गुजरात दंगों के लिए 11 को सज़ा14 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अल्पसंख्यक आयोग गुजरात में | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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