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गुजरात में धर्मपरिवर्तन पर विवाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह गुजरात के डांग ज़िले में आदिवासी ईसाइयों का धर्मपरिवर्तन कर उन्हें 'हिंदू बनाने की एक योजना को रोकने के लिए कदम उठाए. अल्पसंख्यकों के हितों पर नज़र रखने वाले इस आयोग ने केंद्र सरकार को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि वहाँ हिंदू कट्टपंथी आदिवासी ईसाइयों को धमका रहे हैं. आयोग के सदस्य वीवी ऑगस्टिन ने बीबीसी को बताया कि वे कुछ दिन पहले डांग गए थे और वहाँ इस मामले के कारण काफ़ी तनाव है. आयोग का कहना है कि डांग में फ़रवरी में एक स्थानीय त्योहार की तैयारियों हो रही हैं और ग्यारह से तेरह फ़रवरी के बीच ये अभियान होना है. उधर इस त्योहार के आयोजकों का कहना है कि वे किसी पर भी धर्मपरिवर्तन करने का दबाव नहीं डाल रहे. त्योहार समिति के अध्यक्ष और हिंदू संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य कैलाश शर्मा का कहना था, "यदि लोग हम से मिलते हैं ख़ुदबख़ुद निश्चय करते हैं कि वे हिंदू धर्म में वापस आना चाहते हैं, तो समस्या क्या है?" भारत के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि उन्हें आयोग का पत्र मिला है और वे इस मामले की जाँच कर रहे हैं. ये त्योहार कट्टरपंथी हिंदू संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत कुछ हिंदू संगठनों ने आयोजित करना है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'दंगों के लिए स्थानीय नेता ज़िम्मेदार'08 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस नानावटी सुनवाई का तीसरा दौर | भारत और पड़ोस बड़ी संख्या में गवाह पेश | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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