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शिबू सोरेन हत्या के मामले में दोषी करार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली की एक अदालत ने केंद्रीय कोयला मंत्री शिबू सोरेन को शशिनाथ झा हत्याकांड मामले में दोषी ठहराया है. सज़ा 30 नवंबर को सुनाई जाएगी. फ़ैसले के तुरत बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में ले लिया गया लेकिन शिबू सोरेन ने सीने में दर्द की शिकायत की जिसके बाद उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि बुधवार को उनके स्वास्थ्य की सघन जाँच की जाएगी. इस बीच प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक मनमोहन सिंह ने शिबू सोरेन का इस्तीफ़ा माँगा है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन के अलावा चार अन्य लोगों को भी अदालत ने दोषी करार दिया है. उन लोगों पर आरोप था कि उन्होंने कथित तौर पर शिबू सोरेन के पूर्व निजी सचिव शशिनाथ झा को अगवा किया और फिर उनकी हत्या कर दी. सीबीआई ने 1998 में मामला दर्ज किया था कि शशिनाथ झा को 22 मई 1994 को कथित रूप से अगवा कर लिया गया था और फिर उनकी हत्या कर दी गई. मामला 1993 में नरसिम्हा राव सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मत न डालने के लिए जेएमएम के चार पूर्व सांसदों को कथित तौर पर घूस देने का था और शशिनाथ झा को ये बात मालूम थी. शिबू सोरेन को वर्ष 2004 में कोयला मंत्री पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था. दरअसल झारखंड की एक निचली अदालत ने 1975 में तत्कालीन बिहार के चिरूडीह में हुए एक हत्याकाँड के मामले में शिबू सोरेन के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किए थे. इसी मामले को लेकर शिबू सोरेन को इस्तीफ़ा देना पड़ा था. बाद में वर्ष 2005 में शिबू सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री भी बने थे. | इससे जुड़ी ख़बरें मुंडा सरकार की बर्ख़ास्तगी की माँग 18 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस शिबू सोरेन बने झारखंड के मुख्यमंत्री02 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस सोरेन को समर्पण करने का आदेश29 जुलाई, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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