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मुंबई धमाके:संजय दत्त पर फ़ैसला आज | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वर्ष 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में विशेष टाडा कोर्ट आज बॉलीवुड स्टार संजय दत्त पर फ़ैसला सुनाएगा. संजय दत्त के अलावा ज़ुबेनिसा काज़ी, यूसुफ़ नालवाला, समीर हिंगोरा, इब्राहिम मूसा चौहान, रुसी मुल्ला, केरसी अदाजेनिया और सीमाशुल्क के पूर्व अधिकारी सोमनाथ थापा को भी आज ही फ़ैसला सुनाया जाएगा. थापा के अलावा अन्य सभी अभियुक्तों के मामले संजय दत्त की तरह हैं. मुंबई में 12 मार्च 1993 को लगभग एक दर्ज़न धमाके हुए थे जिनमें 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. आरोप संजय दत्त पर हथियार जुटाने और बाद में इसे नष्ट करने का आरोप है. टाडा कोर्ट इस मामले में अभी तक 86 अभियुक्तों को सज़ा सुना चुका है जिनमें से 23 को रिहा कर दिया गया. संजय दत्त पर तीन एके-56 रायफल, नौ एमएम पिस्तौल, इसकी गोलियाँ और हथगोले रखने का आरोप है. अभियोग के मुताबिक टाइगर मेनन ने इन सामानों की तस्करी मुंबई धमाकों के लिए किया था. केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई का कहना है कि अबू सलेम, बाबा चौहान, मंसूर अहमद, समीर हिंगोरा और हनीफ़ कड़ावाला खुद संजय दत्त के घर हथियार पहुँचाने गए थे. संजय दत्त ने एक एके-56 रायफल और पिस्तौल अपने पास रख कर बाकी हथियार मंसूर अहमद को वापस कर दिए जो उसे लेकर ज़ेबुनिसा काज़ी के पास गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें धमाकों के अभियुक्तों ने बयान बदले10 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'मुंबई धमाकों में पाकिस्तान का हाथ'30 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई मामले में पाँच बरी, एक दोषी28 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 1993 धमाकों के लिए दो और दोषी क़रार22 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई धमाकों में घनसार दोषी करार14 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'फ़ैसला आने में कोई ख़ास देरी नहीं हुई है'12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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