|
'ख़ुफ़िया तंत्र मज़बूत बनाने की ज़रुरत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि 'आतंकवाद का सामना करने के लिए' खु़फि़या तंत्र को मज़बूत किए जाने के साथ साथ केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल की ज़रूरत है. दिल्ली में पुलिस महानिदेशकों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होने 'आतंकवाद' को समाज और राजनीतिक तंत्र के लिए एक चुनौती बताया और कहा कि इसका सामना करने के लिए ख़ुफ़िया तंत्र को तैयार रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार चरमपंथ का ख़ात्मा और चरमपंथ फैलाने वाली विचारधाराओं का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है. प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि 'आतंकवाद की समस्या' अब जम्मू-कश्मीर तक ही सीमित नहीं है और इस बात में अब कोई शक नहीं है कि लोगों के दिलो-दिमाग में डर पैदा करने के लिए पूरे देश मे 'आतंक' फैलाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि " ये कोशिशें अधिक कामय़ाब नहीं हुई हैं और इसका श्रेय मैं हमारे सुरक्षा बलों को देना चाहता हूँ पर सुरक्षा एजेंसियों को आत्मसंतोष न करते हुए हमेशा चौकस रहना होगा ". जम्मू-कश्मीर के नतीजों को सकारात्मक बताते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि समस्याओं के राजनीतिक हल निकाले जा सकते हैं. प्रधानमंत्री ने पुलिस-सुधारों पर ज़ोर देते हुए कहा कि पुलिस विभाग को ज़मीनी स्तर पर नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास मे तेज़ी लाने के लिए मनमोहन सिंह ने रोज़गार सृजन, भूमि सुधार, भूमि के बेहतर बँटवारे, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ और ज़रूरत के अनुसार सख़्त पुलिस कार्रवाई जैसे सुझाव भी दिए. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने खु़फिया विभाग के आठ अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया. उल्लेखनीय है कि इसी सम्मेलन को संबोधित करते हुए बुधवार को गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा था कि देश के महत्वपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठान चरमपंथियों के निशाने पर हैं | इससे जुड़ी ख़बरें 'ख़ुफ़िया एजेंसियों में और अल्पसंख्यक हों'23 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस आतंकवाद के मुक़ाबले के लिए सहमति15 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस पाक कार्रवाई करके दिखाए-मनमोहन04 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस बदल रही है आतंक की परिभाषा22 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस ख़ुफ़िया तंत्र मज़बूत बनाने की सिफ़ारिश19 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||