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अफ़गान हेरोईन का यूरोप में फैलाव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम की बढ़ती पैदावार के कारण यूरोप के शहरों में हेरोईन की भरमार होने का ख़तरा है. संयुक्त राष्ट्र के मादक पदार्थ मामलों के प्रमुख अंटोनियो मारिया कास्टा ने यूरोप के मेयरों को लिखे एक पत्र में कहा है कि इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों की अधिक संख्या में मृत्यु होने की संभावना है. कोस्टा ने यूरोप के मेयरों से इस संबंध में मादक पदार्थों को यहां की गलियों तक पहुंचने से पहले ही मुनासिब कार्रवाई करने की अपील की है. अंटोनियो मारिया कास्टा ने कहा कि मुमकिन है कि निकट भविष्य में शुद्ध अफ़ीम की आपूर्ति बढ़ेगी जो काफ़ी ख़तरनाक मामला है. यूरोप पारंपरिक तौर पर अफ़ग़ानिस्तान की अफ़ीम का सबसे बड़ा बाज़ार है. इस साल अफ़गानिस्तान में अफ़ीम की खेती में 59 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ है. कोस्टा ने कहा ग़ैरक़ानूनी मादक पदार्थ युवकों और समाज के भविष्य के लिए गंभीर ख़तरा है. उन्होंने कहा, "यूरोप के राजनेताओं को इस बात की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए कि उनके अपने घरों में क्या हो रहा है, बजाए इसके कि इस समस्या के समाधान के लिए किसी और से वह उम्मीद लगाएँ." | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ीम पर रोक की मुहिम24 अगस्त, 2003 | पहला पन्ना तस्करी के लिए 'कुत्तों' का इस्तेमाल02 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना दो अरब रुपए का नशीला पदार्थ मिला28 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद20 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 'जाँच में ज़हरीले, मादक पदार्थ नहीं मिले'03 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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