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बीबीसी उर्दू सेवा के रिपोर्टर लापता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के दक्षिणी वज़ीरिस्तान इलाक़े में काम करने वाले बीबीसी उर्दू सेवा के रिपोर्टर दिलावर वज़ीर ख़ान के लापता हो जाने पर बीबीसी ने चिंता जताई है. बीबीसी ने पाकिस्तान सरकार से अनुरोध किया है कि वह दिलावर ख़ान को खोजने का हर संभव प्रयास करे. सोमवार की सुबह से दिलावर का कोई अता-पता नहीं मिल पाया है. रविवार को उन्होंने राजधानी इस्लामाबाद के एक इस्लामिक विश्वविद्यालय में अपने भाई ज़ुल्फ़िकार अली से मुलाक़ात की थी. माना जा रहा है कि अपने भाई से मिलने के बाद सोमवार को वे अपने गृह नगर डेरा इस्माइल ख़ान के लिए रवाना हुए थे. सोमवार को इस्लामिक विश्वविद्यालय के होस्टल में कुछ अज्ञात लोग आए. ये लोग दिलावर के भाई को ये बताने के लिए ढूँढ़ रहे थे कि दिलावर घायल हो गए हैं. सूचना लेकिन दिलावर के भाई ज़ुल्फ़िकार से मिले बिना ही ये लोग वहाँ से चले गए. जब ज़ुल्फ़िकार अली को ये सूचना मिली तो उन्होंने दिलावर के मोबाइल पर फ़ोन किया. फ़ोन अपने को डॉक्टर जमशेद कहने वाले एक व्यक्ति ने उठाया और कहा कि दिलावर सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए हैं और उनसे पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस में मिला जा सकता है. इसके बाद ज़ुल्फ़िकार अली ने बीबीसी के इस्लामाबाद दफ़्तर से संपर्क किया. बीबीसी ने अपने एक रिपोर्टर को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस में भेजा.
लेकिन वहाँ दिलावर ख़ान को कोई पता नहीं चला. ये भी जानकारी मिली कि वहाँ जमशेद ख़ान नाम का कोई डॉक्टर काम नहीं करता. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता शौकत सुल्तान ने बीबीसी को बताया कि उन्हें सूचना के लिए आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय से संपर्क करना चाहिए. सूचना मंत्रालय के भी एक अधिकारी ने दिलावर ख़ान के बारे में सूचना के लिए आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय से संपर्क करने की सलाह दी. भाई की हत्या अगस्त में दिलावर ख़ान का पंद्रह वर्षीय भाई तैमूर वाना नगर में लापता हो गया था और फिर अगले दिन जब वह मिला तो उसके सिर पर भारी चोट थी. बाद में अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई थी और अधिकारियों का कहना था कि यह पता नहीं चल पाया है कि उस पर किसने और क्यों हमला किया. पिछले साल दिलावर ख़ान के मकान पर और एक स्कूल पर जो उनका परिवार चला रहा था, एक बम से हमला किया गया. दिलावर और उनके परिवार के लोगों को इस हमले में चोट नहीं आई लेकिन वाना में उनके मकान को नुक़सान पहुँचा. दिलावर ख़ान पहले से यही कहते आए हैं कि उनकी या उनके परिवार की किसी से दुश्मनी नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें एशिया प्रेस के लिए ख़तरनाक | भारत और पड़ोस उत्तरी वज़ीरिस्तान में समझौता05 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस उत्तरी वज़ीरिस्तान में सुरक्षाबलों पर हमले22 जून, 2006 | भारत और पड़ोस कई संदिग्ध चरमपंथी मारे गए: सेना10 जून, 2006 | भारत और पड़ोस वज़ीरिस्तान में हमला, छह की मौत02 जून, 2006 | भारत और पड़ोस वज़ीरिस्तान में हमले, एक सैनिक की मौत02 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस अपने 'तालेबानों' से लड़ता पाकिस्तान07 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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