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पहले दिन 'आतंकवाद' पर विस्तृत चर्चा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की बातचीत में पहले दिन 'आतंकवाद' और कश्मीर पर विस्तार से चर्चा हुई है. इसमें चरमपंथ से निपटने के लिए संयुक्त प्रणाली विकसित किए जाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई है. दोनों पक्षों ने इसके अलावा नागरिकों के आवाजाही, मछुआरों की समस्याओं और आर्थिक और व्यावसायिक रिश्तों की भी बात की है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज़ सरना ने बातचीत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि स्वाभाविक रुप से आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा हुई है और इस बारे में हवाना में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने जो घोषणापत्र जारी किया था उसके बाद जो क़दम उठाए गए हैं उन पर बात की गई. नवतेज सरना ने कहा, "आतंकवाद निरोधक प्रणाली का जो प्रस्ताव दिया गया है उस पर चर्चा हुई.. जम्मू कश्मीर का मुद्दा था. कम्पोज़िट डॉयलॉग प्रक्रिया के सभी मुद्दों पर बात हुई है." सरना ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने वाले विभिन्न मुद्दों पर भी बातचीत हुई, मसलन यात्रा के बारे में दोनों देशों की जेलों में बंद आम नागरिकों की स्थिति, मछुआरों की अदला बदली के मुद्दे भी बातचीत में आए. सरना का कहना था कि दोनों पक्षों ने सुरक्षा के कई महत्वपूर्ण मसलों पर बात करने के साथ साथ आर्थिक हितों के मसलों पर भी विचारों का आदान प्रदान किया. बातचीत दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहेगी. पहले दिन की बातचीत के बाद पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ मोहम्मद ख़ान और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल ने विदेशमंत्री प्रणव मुखर्जी से भी मुलाक़ात की. भारत और पाकिस्तान के बीच मुंबई बम धमाकों के बाद से विदेश सचिव स्तर की बातचीत रुकी हुई थी जो मंगलवार सुबह फिर बहाल हुई. दो दिनों की वार्ता के पहले दिन पाकिस्तान के विदेश सचिव ख़ान और भारतीय विदेश सचिव शिव शंकर मैनन ने चर्चा की. पहले दिन की बातचीत के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच 'आतंकवाद' और 'आतंकवाद' से निपटने के लिए संयुक्त प्रणाली विकसित किए जाने पर विस्तार से चर्चा हुई. यह चर्चा हैदराबाद हाउइस में हुई. मुखर्जी से मुलाक़ात नेवतेज सरना के अनुसार शाम को पाकिस्तान के विदेश सचिव ख़ान और उनके साथ आए प्रतिनिधि मंडल ने भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाक़ात की. आधे घंटे की इस मुलाक़ात में दिन भर हुई बातचीत के विवरण प्रणव मुखर्जी को दिए गए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक़ प्रणव मुखर्जी ने पाकिस्तान के विदेश सचिव से कहा कि पिछली बातचीत के कई सार्थक परिणाम आए हैं. विदेश मंत्री मुखर्जी ने पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल को विस्तार से समझाया कि 'आतंकवाद' से निपचने के लिए संयुक्त प्रणाली विकसित करना क्यों फ़ायदेमंद होगा. ये दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की चौथे चरण की बातचीत है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत-पाक समुद्री व्यापार हुआ बहाल27 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ा है अविश्वास02 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस भारत में संयुक्त बयान पर प्रतिक्रियाएँ17 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर पर बात ज़रूरी:कसूरी16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'शांति प्रक्रिया में प्रगति संभव नहीं'29 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस संपर्क में रहेंगे भारत और पाकिस्तान31 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'विस्फोटों का संबंधों पर असर पड़ा है'18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ पर चिंता16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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