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बीबीसी हिंदी का रोड शो 16 नवंबर से | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बीबीसी हिंदी एक रोड शो करने जा रही है. 16 नवंबर से उत्तर प्रदेश के भदोही से शुरु होने वाला यह रोड शो 25 दिसंबर तक चलेगा. इस रोड शो का नाम 'आपकी दुनिया आपकी आवाज़' दिया गया है और बीबीसी को उम्मीद है कि इस दौरान कोई दो लाख श्रोताओं से मुलाक़ात होगी. इस रोड शो के दौरान बीबीसी हिंदी की टीम उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के 14 शहरों में जाएगी. हर शहर में श्रोताओं के बीच परिचर्चाएँ होंगी, नुक्कड़ नाटक खेले जाएँगे और श्रोताओं को बीबीसी हिंदी की वेबसाइट से परिचित करवाया जाएगा. बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के एशिया पैसेफ़िक के कार्यकारी संपादक नाज़िस अफ़रोज़, बीबीसी हिंदी की अध्यक्ष अचला शर्मा और बीबीसी हिंदी के भारत संपादक संजीव श्रीवास्तव ने वाराणसी में सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी विस्तृत जानकारी दी. परिचर्चाएँ अचला शर्मा ने बताया कि रोड शो के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यहाँ बीबीसी हिंदी के श्रोताओं की संख्या सबसे अधिक है. उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र के लिए परिचर्चा के विषयों का चयन उस क्षेत्र में किए गए सर्वेक्षण के बाद किया गया है. इसके लिए वहाँ के नागरिकों और नीति-निर्धारकों से पूछा गया था कि उनके क्षेत्र और राज्य की समस्याएँ क्या हैं और उनकी चिंताएँ क्या हैं. उत्तर प्रदेश में बीबीसी हिंदी की टीम भदोही, ओबरा और रेणुकूट में श्रोताओं के बीच ग़लीचा उद्योग, नक्सलवाद और बड़े उद्योंगों से पर्यावरण और जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा करेगी. इसके अलावा दूसरे क्षेत्रों में अलग-अलग विषयों पर चर्चाएँ की जाएँगी. 'भारत एक उभरी हुई शक्ति' संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नाज़िस अफ़रोज़ ने कहा कि लंदन के बाहर दिल्ली बीबीसी का सबसे बड़ा केंद्र हैं. उन्होंने कहा, "आज भारत को दुनिया एक उभरी हुई शक्ति की तरह देख रही है लेकिन बीबीसी पहले से ही भारत को एक बड़ा केंद्र मानती रही है."
उनका कहना था कि आगे भी बीबीसी भारत को इसी तरह महत्व देती रहेगी. बीबीसी हिंदी की अध्यक्ष अचला शर्मा ने कहा, “हमारा हाथ हमेशा भारत की नब्ज़ पर रहता है. हम जानना चाहते हैं कि लोगों के सरोकार क्या हैं, उनकी अपेक्षाएँ क्या हैं और वे अपनी ज़िंदगी में क्या परिवर्तन चाहते हैं.” उन्होंने कहा, "हम श्रोताओं से सिर्फ़ जुड़ना नहीं चाहते बल्कि उनकी आवाज़ बनना चाहते हैं और इसीलिए इस रोड शो का नाम आपकी दुनिया आपकी आवाज़ रखा गया है." संवाददाता सम्मेलन में भारत संपादक संजीव श्रीवास्तव ने कहा, "बीबीसी के श्रोताओं के लिए विश्व समाचार अहम होते हैं और वे भारत के समाचारों का निष्पक्ष विश्लेषण भी चाहते हैं. हमारी कोशिश रहती है कि हम अपने श्रोताओं के लिए ज़्यादा प्रासंगिक और ज़्यादा संतुलित समाचार और विश्लेषण प्रसारित करते रहें." बीबीसी एशिया पैसेफ़िक के बिज़नेस डवलपमेंट मैनेजर मिशेल लोबेल ने कहा कि पिछले कुछ बरसों में शॉर्टवेव पर बीबीसी हिंदी के श्रोताओं की संख्या बढ़ी है और यह अपने आपमें उल्लेखनीय है. नुक्कड़ नाटक पूरे रोड शो के दौरान श्रोता बीबीसी के विभिन्न संवाददाताओं से रुबरू हो सकेंगे. स्थानीय संस्कृति से जुड़ते हुए बीबीसी आपकी दुनिया आपकी आवाज़ पूरे रोड शो के दौरान परंपरागत क़लमकारी कलाकृतियों का उपयोग करेगी. हर शो की शुरुआत एक रंगारंग नुक्कड़ नाटक से होगी. इस नाटक में बीबीसी हिंदी सुनने के महत्व और फ़ायदों को दर्शाया गया है. इस अवसर पर श्रोताओं को बीबीसी हिंदी की वेबसाइट बीबीसी हिंदी डॉट कॉम (www.bbchindi.com) से भी परिचित करवाया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें ख़तरे में झारखंड के पहड़िया आदिवासी24 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस ‘कैसे आबाद हो धनबाद’ 22 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस ज़हरीले नशे में घुलता अनाथ बचपन14 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस फिर चला बीबीसी हिंदी का कारवाँ08 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस बिहार से क्यों होता है पलायन?27 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस भारत बदला, क्या बदला गोंडा?05 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस विचार-मंथन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी24 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस चल पड़ा बीबीसी हिंदी का कारवाँ04 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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