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अमरीका ने समझौते का स्वागत किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने नेपाल में माओवादी विद्रोहियों और सरकार के बीच हुए समझौते का स्वागत किए है जिसके तहत माओवादी देश की अंतरिम सरकार में शामिल होंगे. अमरीकी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का कहना था कि उन्हें उम्मीद है कि इस समझौते के बाद नेपाल में शांति और राजनीतिक पारदर्शीता कायम होगी. लेकिन अमरीका ने ये भी कहा है कि वह नेपाल में स्थिति पर निगरानी रखता रहेगा. माओवादियों का आश्वासन नेपाल में ये समझौता एक दशक पुराने माओवादी विद्रोह को ख़त्म करने के लक्ष्य से हुआ है. माओवादियों के हथियार संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में रख दिए जाएँगे. नेपाल में माओवादी विद्रोह में लगभग 13 हज़ार लोग मारे गए हैं. माओवादियों के नेता प्रचंड का कहना है कि उनकी पार्टी मानवाधिकारों और लोकतंत्र का सम्मान करेगी. बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें दस साल की लड़ाई में लोगों के मारे जाने का अफ़सोस है. ताज़ा समझौते के तहत एक महीने के भीतर विद्रोही अंतरिम सरकार में शामिल हो जाएँगे. समझौते के तहत नेपाल में राजशाही के भविष्य का महत्वपूर्ण और विवादास्पद मुद्दा अगले साल चुनी जाने वाली संविधान सभा के सामने रखा जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें शांति वार्ता के लिए तैयार हैं माओवादी18 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'माओवादी लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं'26 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र से पूछताछ होगी'29 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में अहम शांति वार्ता रविवार से07 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस विस्फ़ोट में चार माओवादी मारे गए19 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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