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'उलेमा इस्लाम का ग़लत प्रचार कर रहे हैं'
मुशर्रफ़
मुशर्रफ़ ने इस्लाम की सही तस्वीर पेश करने की सलाह दी है
पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने आरोप लगाया है कि कम पढ़े लिखे उलेमा इस तरह का दुष्प्रचार कर रहे हैं कि इस्लाम चरमपंथ और असहिष्णुता को बढ़ावा देता है.

जनरल मुशर्रफ़ ने इस्लामाबाद में 'वर्ल्ड इस्लामिक इकोनॉमिक फ़ोरम' को संबोधित करते हुए कहा कि मुस्लिम देशों को दुनिया के समक्ष इस्लाम की सही तस्वीर पेश करनी चाहिए.

 दुनिया की कुल आबादी में मुसलमानों की संख्या 25 फ़ीसदी है लेकिन विश्व अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी पाँच फ़ीसदी से भी कम है.
जनरल मुशर्रफ़

उन्होंने समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया.

उन्होंने विकास के लिए महिलाओं को राजनैतिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की सलाह दी.

विकास पर ध्यान दें

पाकिस्तानी राष्ट्रपति का कहना था कि मुस्लिम देशों में ग़रीबी और बेरोज़गारी से लोगों में निराशा और शक्तिहीनता की भावना आती है.

उन्होंने कहा, "दुनिया की कुल आबादी में मुसलमानों की संख्या 25 फ़ीसदी है लेकिन विश्व अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी पाँच फ़ीसदी से भी कम है."

इस सम्मेलन का आयोजन इस्लामी देशों के संगठन की ओर से हो रहा है. इसमें मुस्लिम समुदाय के समक्ष आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा की जा रही है.

ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों पाकिस्तानी सेना ने सूबा सरहद के एक मदरसे पर हमला किया था जिसमें 80 लोग मारे गए थे.

जनरल मुशर्रफ़ का कहना था कि इसमें चरमपंथियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था.

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