|
इस्लाम का अपमान बंद हो-मुशर्रफ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए 'इस्लाम के अपमान' पर रोक लगाने का आह्वान किया है. जनरल मुशर्रफ़ ने आतंकवाद से निपटने में पाकिस्तान की भूमिका और इसके लिए ज़रुरी रणनीति का भी जिक्र किया. उन्होंने भारत के साथ रिश्ते सुधरने का स्वागत करते हुए कहा कि वे दक्षिण एशिया में 'स्थायी सुरक्षा का माहौल' बनाना चाहते हैं. इस्लाम पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कहा, "हमें इस्लामी दुनिया और पश्चिमी देशों के बीच चौड़ी हो रही खाई को पाटने की ज़रुरत है. मुसलमानों के साथ जातीय और धार्मिक भेदभाव को ख़त्म करने के साथ साथ इस्लाम के अपमान पर रोक लगना चाहिए." आतंकवाद के विरूद्ध लड़ाई में सैन्य इस्तेमाल के साथ साथ उन्होंने इस्लामी दुनिया से ताल्लुक रखने वाले विवादों को भी सुलझाने का सुझाव दिया. जनरल मुशर्रफ़ ने कहा, "पूरी मुस्लिम दुनिया में पुराने विवादों और नए सैनिक हस्तक्षेप से हताशा और अन्याय की भावना फैली है. किसी भी इस्लामी देश में छिड़ी लड़ाई चरमपंथियों और आतंकवादियों को उर्वर ज़मीन मुहैया कराती है." उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित मसले को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने का सुझाव देते हुए कहा कि अगर सैन्य विकल्प का इस्तेमाल होता है तो इसके बुरे परिणाम सामने आएँगे. भारत पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि भारतीय प्रधानमंत्री के साथ हवाना में हुई बातचीत से दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान इस क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल चाहता है. हम भारत के साथ शांति प्रक्रिया में भागीदार है जिसका लक्ष्य परस्पर विश्वास बहाली और जम्मू-कश्मीर समते सभी विवादों को सुलझाना है." | इससे जुड़ी ख़बरें बुश ने अमरीकी नीतियों का बचाव किया19 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना पाकिस्तान के साथ एक 'नई शुरूआत'18 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस महासचिव के चुनाव की सरगर्मी तेज़18 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना भारत में संयुक्त बयान पर प्रतिक्रियाएँ17 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मनमोहन-मुशर्रफ़ संयुक्त बयान17 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||