|
शांति दोनों देशों की ज़रूरत है: प्रणव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के नए विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि शांति और तनावरहित माहौल भारत और पाकिस्तान दोनों की ज़रूरत है और पाकिस्तान के साथ चल रही शांति प्रक्रिया जारी रहेगी. बुधवार को विदेश मंत्री का पदभार संभालते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने मुंबई बम धमाकों से संबंधित जो भी सबूत जुटाए हैं, वो पाकिस्तान के सामने रखे जाएंगे. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया जारी रहेगी. प्रणव मुखर्जी ने कहा, '' हम अपने पड़ोसी नहीं बदल सकते, इसलिए जरूरी है कि पड़ोसियों के साथ शांति से रहा जाए. सीमाओं पर तनावरहित हालात बनाने के लिए भी यह ज़रूरी है.'' भारत में चरमपंथी गतिविधियों को बढ़ावा देने में बांग्लादेश की भूमिका के सवाल पर प्रणव मुखर्जी का कहना था कि भारत विभिन्न स्तरों पर इस मुद्दे को बांग्लादेश के साथ उठा चुका है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया की भारत यात्रा के दौरान भी इस मसले पर बातचीत हुई थी. प्रणव मुखर्जी ने किसी पड़ोसी देश के ख़िलाफ़ शक्ति के इस्तेमाल की संभावना को ख़ारिज कर दिया. भारत की विदेश नीति की दिशा और लक्ष्यों पर उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति के केंद्र में आर्थिक विकास है. उनका कहना था,'' हमारा लक्ष्य भारत में आर्थिक निवेश लाना और आधुनिकतम तकनीक देश उपलब्ध कराना है. '' ग़ौरतलब है कि मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल किया गया था और प्रणव मुखर्जी को विदेश मंत्री पद की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें मंत्रिमंडल का विस्तार,प्रणव बने विदेश मंत्री24 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस प्रणव को विदेश मंत्री बनाए जाने की चर्चा24 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुखर्जी के विदेश मंत्री बनने का महत्व24 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस काफ़ी अनुभवी नेता हैं प्रणव मुखर्जी25 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस नटवर सिंह का इस्तीफ़ा मंज़ूर07 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||