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पूर्व लश्कर प्रमुख को रिहा किया गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी अधिकारियों ने बुधवार को चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा के पूर्व प्रमुख हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को रिहा कर दिया है. मंगलवार को लाहौर में एक अदालत ने उनकी रिहाई का आदेश दिया था. हाफ़िज़ मोहम्मद सईद 10 अगस्त के बाद से नज़रबंद थे. वे सामाजिक-धार्मिक संगठन जमात-उद-दावा चलाते हैं. अमरीका ने जमात-उद-दावा को चरमपंथी संगठनों की सूची में शामिल किया है. अमरीका के मुताबिक ये संगठन लश्करे तैबा के लिए पैसा जुटाने का ज़रिया है. पाकिस्तान में अदालत ने 28 अगस्त को भी हाफ़िज़ मोहम्मद सईद की रिहाई का आदेश दिया था पर इसके कुछ घंटे बाद ही पंजाब सरकार ने उन्हें फिर गिरफ़्तार कर लिया था. पाकिस्तान ने लश्करे तैबा पर प्रतिबंध लगाया है. लेकिन जमात-उद-दावा को वो एक वैध इस्लामिक चैरिटी संगठन मानती हैं जिसने भूकंप प्रभावित कश्मीर के इलाक़े में राहत कार्य चलाए हैं. हाफ़िज़ मोहम्मद को रिहा करने के फ़ैसले को चुनौती देते हुए पाकिस्तान सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि उनकी गतिविधियों के चलते पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते बिगड़ सकते हैं. सईद पाँच साल पहले तक चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा के मुखिया थे. भारत में अधिकारियों ने कहा था कि इस साल मुंबई में हुए धमाकों में लश्करे तैबा का हाथ था जिसमें करीब 180 लोग मारे गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें दो चरमपंथियों की गिरफ़्तारी 16 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान ने कहा, काल्पनिक हैं आरोप30 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'मुंबई धमाकों के लिए लश्कर ज़िम्मेदार'22 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस लश्करे तैबा के पूर्व प्रमुख नज़रबंद10 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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