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'रक्षा दलालों के लिए नई व्यवस्था हो' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि यदि रक्षा सौदों से मध्यस्थों को हटाना संभव नहीं है तो उनके पंजीकरण जैसे उपायों पर विचार करना चाहिए. उनका कहना था कि यदि रक्षा दलालों को अलग-थलग नहीं किया जा सकता तो उनके माध्यम से सौदा करना बेहतर होगा. यूरोप से भारत लौट रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने विशेष विमान में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि इस तरह से कम से कम यह तो पता चल सकेगा कि वे हैं कौन. उल्लेखनीय है कि अब तक भारत में रक्षा सौदों में किसी भी दलाली पर रोक है लेकिन रक्षा सौदे में दलाली का विवाद बार-बार उठता रहा है. पत्रकारों ने उनसे पूछा था कि बराक मिसाइलों के बारे में पूर्व रक्षामंत्री जॉर्ज फ़र्नांडिस के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाखिल होने पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है. इस सवाव के जवाब में उन्होंने कहा कि क़ानूनी प्रक्रिया के तहत ही काम होगा. स्थाई सदस्यता संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मनमोहन सिंह ने कहा कि कुछ बड़ी ताक़तें नहीं चाहतीं कि भारत को स्थाई सदस्यता मिले. किसी देश का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि पहले उन्हें मनाना होगा. उनके हो रही बातचीत में शामिल वरिष्ठ पत्रकार भारत भूषण का कहना है कि हालांकि मनमोहन सिंह ने कोई नाम नहीं लिया लेकिन संकेत साफ़ हैं कि अमरीका ही इस रास्ते में रोड़े अटका रहा है. उनका विश्लेषण है कि स्थाई सदस्यों में ब्रिटेन, रुस और फ़्रांस भारत का ख़ुला समर्थन करते रहे हैं. चीन को जापान की स्थाई सदस्यता पर आपत्ति है लेकिन वह भीतर से भारत के साथ है. ऐसे में सिर्फ़ अमरीका ही बचता है जो भारत का साथ नहीं दे रहा है. पाकिस्तान के मुंबई बमकांड में शामिल होने से इनकार करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान को सबूत देगा उसके बाद पाकिस्तान की कार्रवाई का इंतज़ार करेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें इसराइल सीबीआई को सहयोग देगा11 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस पूर्व रक्षा मंत्री के ख़िलाफ़ एफ़आईआर10 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस पाक कार्रवाई करके दिखाए-मनमोहन04 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान ने कहा, काल्पनिक हैं आरोप30 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'मुंबई धमाकों में पाकिस्तान का हाथ'30 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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