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श्रीनगर मुठभेड़ ख़त्म, 10 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर में अधिकारियों ने कहा है कि श्रीनगर में सुरक्षा बलों और कथित चरमपंथियों के बीच हुई मुठभेड़ में सात पुलिसकर्मियों सहित दस लोग मारे गए हैं. अधिकारियों के अनुसार मारे गए लोगों में दो चरमपंथी और एक आम आदमी हैं. अनेक लोग घायल भी बताए गए हैं. यह मुठभेड़ बुधवार को श्रीनगर के बादशाह चौक इलाक़े में शुरू हुई थी जो गुरूवार सुबह समाप्त हुई. सुरक्षाबलों ने होटल में छिपे दोनों संदिग्ध चरमपंथियों को गुरुवार की सुबह मारने का दावा किया था. राज्य के पुलिस महानिदेशक गोपाल शर्मा ने बताया कि इस मुठभेड़ में एक आम आदमी की भी मौत हुई है. उन्होंने बताया कि गुरूवार दोपहर तक तलाशी अभियान भी समाप्त हो गया है. इस मुठभेड़ के लिए अल मंसूरियन नामक चरमपंथी गुट ने ज़िम्मेदारी ली है और उसने दावा किया है कि उनका एक स्थानीय कमांडर अबू हमज़ा मुठभेड़ स्थल से भागने में कामयाब रहा है और वह अपने अड्डे पर पहुँच गया है. इस संगठन ने यह भी दावा किया है कि इस मुठभेड़ में 10 पुलिसकर्मी मारे गए हैं और 20 अन्य घायल हुए हैं. बाद में कुछ लोगों ने चरमपंथियों के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए और पुलिस को उन्हें तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन के अनुसार ये गोलीबारी बुधवार की दोपहर से बादशाह चौक में चल रही थी और देर रात तक जारी रही. सुरक्षा बल शहर के बीचोबीच अखाड़ा इमारत से गोलीबारी कर रहे थे. वहाँ केंद्रीय रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स का एक कैंप है. जबकि संदिग्ध चरमपंथी अखाड़ा इमारत के पास स्थित एक होटल से गोलीबारी कर रहे थे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मानवाधिकार उल्लंघन' के विरोध में हड़ताल12 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री ने असमा से माफ़ी माँगी03 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस छत्तीसगढ़ के नए क़ानून की निंदा27 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस न्याय व्यवस्था में जनविश्वास बढ़ा: तीस्ता24 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस मानवाधिकार रिपोर्ट में भारत की प्रशंसा18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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