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केरल में चिकुनगुनिया बीमारी का प्रकोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के केरल राज्य में हज़ारों लोग ख़तरनाक चिकुनगुनिया बीमारी की चपेट में हैं और समाचार एजेंसियों के अनुसार इसके कारण कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई है. चिकुनगुनिया एक वायरस से होने वाली बीमारी है जिसके लक्षण डेंगू बुखार जैसे ही होते हैं. चिकुनगुनिया मच्छर के काटने से फैलता है. राज्य की स्वास्थ्य मंत्री पीके श्रीमती के अनुसार राज्य का आलापुरा ज़िला सबसे ज़्यादा प्रभावित है और वहाँ कम से कम 15 हज़ार लोग इस बीमारी से ग्रस्त हैं. राज्य सरकार ने इस बीमारी का सामना करने के लिए केंद्र सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन की मदद माँगी है. बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के संक्रामक बीमिरियों की शाखा के निदेशक जेपी नारायण अपनी पूरी टीम के साथ राज्य का दौरा करेंगे और स्थिति का आकलन करेंगे. आलापुरा के अलावा कोट्टायम, त्रिशूर और एर्नाकुलम ज़िले भी इस बीमारी से प्रभावित हैं. कुछ अन्य राज्यों में भी ये बीमारी फ़ैल रही है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदॉस ने ग्यारह अक्तूबर से इस बीमारी के प्रभावित राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक बुलाई है. | इससे जुड़ी ख़बरें आत्महत्या को मजबूर विदर्भ के किसान26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस लहलहा रही है कर्ज़ की विषबेल16 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस बुरी हालत में हैं केरल के किसान13 मई, 2005 | भारत और पड़ोस बासमती उगाने वाले बेबस और बेचैन 31 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस चीन के लहसुन से परेशान हैं किसान23 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस हरित क्रांति लाने वालों का कड़वा सच14 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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