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नदी में बहे लोग, 30 शव मिले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने बताया है कि एक मंदिर में दर्शन करने जा रहे कुछ हिंदू दर्शनार्थी नदी की तेज़ धारा में बह गए हैं. अब तक 30 शव मिल पाए हैं. यह दुर्घटना राज्य के दतिया ज़िले में हुई है. राज्य के जल संसाधन मंत्री अनूप मिश्रा ने बताया है कि मृतकों की संख्या 30 हो गई है. अनूप मिश्रा ने बताया कि अभी भी कम से कम 16 लोग लापता हैं. इससे पहले राज्य के पुलिस प्रमुख एआर पवार ने बीबीसी को बताया था कि रविवार को हुई इस दुर्घटना में 21 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं. दुर्घटना पुलिस महकमे ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा था कि इस दुर्घटना में मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है. घटनास्थल पर राहत और बचाव दल का काम चल रहा है. बताया जा रहा है कि दुर्घटना तब हुई जब कुछ हिंदू दर्शनार्थी ज़िले में बहने वाली सिंध नदी को पार करने की कोशिश कर रहे थे. जानकारी के मुताबिक जिस वक्त ये लोग नदी पार कर रहे थे उस वक्त घुटनों तक ही पानी था पर नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ने लगा और कई लोग इसकी चपेट में आ गए. लोगों का आरोप है कि ऐसा मणिखेरा बाँध से बिना किसी चेतावनी के पानी छोड़े जाने की वजह से हुआ. हालांकि राज्य प्रशासन ने इस बात से इनकार किया है. क्षेत्र के डिवीज़नल मजिस्ट्रेट कोमल सिंह ने कहा है कि बाँध से पानी छोड़े जाने की बात ग़लत है. ग़ौरतलब है कि इसी तरह का एक हादसा वर्ष 2005 के अप्रैल महीने में देवास ज़िले में हुआ था जिसमें कम से कम 67 लोगों की मौत हो गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें कौन चुका रहा है टिहरी बांध की कीमत?07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस टिहरी में रुकी भागीरथी की धारा01 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश नौका हादसा, मृतक संख्या 11621 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस बोलांगीर में नदी और बाँध है मुद्दा08 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस पुल टूटने को ले कर नाराज़गी | भारत और पड़ोस ताज में पानी घुसने का ख़तरा | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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