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करजई और बुश ने चरमपंथ पर चर्चा की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने मंगलवार को अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच तालेबान, अफ़ग़ानिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान संबंध जैसे विषयों पर चर्चा हुई. पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ भी अभी अमरीका में हैं जहाँ उनकी चर्चित किताब 'इन द लाइन ऑफ फायर' का विमोचन हुआ है. इस मुलाकात से ठीक पहले हामिद करज़ई ने पाकिस्तान पर तालेबान चरमपंथियों को शह देने का आरोप लगाया है. पाकिस्तान पर आरोप उनका कहना है कि पाकिस्तानी सीमा से लड़ाके अफ़गान इलाक़ों में हिंसक गतिविधियों को अंजाम देते हैं और वापस अपने सुरक्षित ठिकानों पर चले जाते हैं. करज़ई ने कहा कि पाकिस्तान तालेबान के रुप में आस्तीन का साँप पाल रहा है जो खुद उसके लिए ख़तरनाक साबित होगा. दूसरी ओर पाकिस्तान इन आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है. मुशर्रफ़ कह चुके हैं कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति पाकिस्तान के भी हित में है. ग़ौरतलब है कि जनरल मुशर्रफ़ ने छह सितंबर को काबुल का दौरा किया था और करज़ई से मुलाकात कर दोनों देशों के रिश्तों में सुधार लाने की कोशिश की थी. अमरीकी राष्ट्रपति ने दोनों ही नेताओं को बुधवार को इफ़्तार पार्टी पर आमंत्रित किया है. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत हो सकती है. करजई पर दबाव लंदन स्थित किंग्स कॉलेज़ में रक्षा मामलों के जानकार हर्ष पंत का कहना है कि तालेबान शासन की समाप्ति के बाद के पाँच वर्षों में अफ़गानिस्तान की जनता ने पुनर्निमाण और विकास का जो सपना देखा था, उस पर करज़ई खरा नहीं उतर पाए हैं. उन्होंने बीबीसी से कहा, "जब आप अफ़ग़ानिस्तान में चारों ओर सुरक्षा का माहौल देखें तो करज़ई काफ़ी कमजोर नज़र आते हैं." | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ान महिला अधिकारी की हत्या25 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'ब्रितानी सेना की भूमिका सही'23 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना हमले में 19 अफ़ग़ान मज़दूर मारे गए22 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़-करज़ई में फिर आरोप-प्रत्यारोप21 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'सैनिक संख्या बढ़ने से हम चिंतित नहीं'17 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस तालेबान से ज़्यादा बड़ा ख़तरा: मुशर्रफ़12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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