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मुंबई धमाकों का एक अन्य अभियुक्त दोषी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विशेष आतंकवाद विरोधी अदालत ने मुंबई में 1993 में बम धमाकों के सिलसिले में एक अन्य अभियुक्त को दोषी क़रार दिया है. अब्दुल ग़नी तुर्क को व्यस्त सेंचुरी बाज़ार में बम रखने का दोषी पाया गया है. इस बम धमाके में 113 लोग मारे गए थे. मुंबई में 12 मार्च 1993 को लगभग एक दर्ज़न धमाके हुए थे जिनमें 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में 123 अभियुक्त होने की वजह से जज ने अभियुक्तों को आठ-आठ के समूह में बाँटकर फ़ैसला सुनाने की घोषणा की है. अब तक इस मामले में आठ लोगों को दोषी क़रार दिया जा चुका है. इससे पहले टाडा की विशेष अदालत ने पिछले हफ़्ते मंगलवार को मेमन परिवार के चार सदस्यों याकूब मेमन, ईसा मेमन, युसुफ़ मेमन और रूबीना मेमन को दोषी करार दिया था. इस परिवार के जिन लोगों को बरी कर दिया गया था वे हैं, सुलेमान मेमन, हनीफ़ा मेमन और राहिला मेमन. अदालत ने अभी तक किसी अभियुक्त को दी जाने वाली सज़ा की घोषणा नहीं की है. अभियुक्तों को दी जाने वाली सज़ा पर बहस इस प्रक्रिया के साथ-साथ चल रही है. इस मामले में फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त भी एक अभियुक्त हैं और वे फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं. बताया जाता है कि जिस तरह फैसले सुनाए जा रहे हैं उनकी बारी आने में अभी कुछ समय लग सकता है. इस मामले में एक दशक से अधिक समय तक सुनवाई चली और 686 गवाह पेश हुए और क़रीब दस हज़ार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें संजय दत्त को भी फ़ैसले का इंतज़ार10 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 1993 के बम धमाकों का घटनाक्रम10 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई धमाके: न्याय का इंतज़ार09 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर में मुंबई धमाकों से जुड़ी गिरफ़्तारी04 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई में सात धमाके, 170 मौतें11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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