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मुंडा को 15 तक बहुमत दिखाना होगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
झारखंड के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को बहुमत साबित करने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया है. चार मंत्रियों के इस्तीफ़े से राज्य सरकार अल्पमत में है. राजभवन से जारी विज्ञप्ति के अनुसार 15 सितंबक को या उससे पहले मुख्यमंत्री को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करना होगा. विज्ञप्ति में कहा गया है, "मुख्यमंत्री ने चार मंत्रियों के मंत्रिपरिषद से त्यागपत्र और समर्थन वापसी से उत्पन्न स्थिति को ध्यान में रख कर सदन में बहुमत सिद्ध करने के लिए समय की माँग की थी. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को 15 सितबंर 2006 या उसके पूर्व विधानसभा में अपना बहुमत सिद्ध करने का निर्देश दिया है." राज्यपाल ने इसकी जानकारी विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी को भी दे दी है. विज्ञप्ति के अनुसार राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष से विश्वास मत के दिन की कार्यावाही की विडियो रिकॉर्डिंग और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सीधा प्रसारण की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है. इससे पहले मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा था कि उन्हें 15 सितंबर से पहले यानी 14 सितंबर तक विधानसभा में बहुमत साबित करने की समयसीमा दी गई है. भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(एनडीए) सरकार की अगुआई कर रहे अर्जुन मुंडा ने राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी से विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका देने का अनुरोध किया था. वहीं यूपीए में वैकल्पिक सरकार बनाने की कवायद तेज़ हो गई है. इस बीच राज्य में विपक्षी यूपीए के घटक दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने दावा किया है कि राज्य में अगली सरकार यूपीए की बनेगी और मुख्यमंत्री मधु कोड़ा होंगे. ग़ौरतलब है कि चार मंत्रियों के इस्तीफ़े के बाद 82 सदस्यीय विधानसभा में मुंडा सरकार अल्पमत में आ गई है. मुख्यमंत्री के साथ राज्यपाल से मिलने के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष यदुनाथ पांडे ने बीबीसी को बताया, "हमनें उनसे (राज्यपाल) कहा है कि सरकार को बहुमत प्राप्त है. इसलिए सरकार को इसे साबित करने का मौका मिलना चाहिए." इस्तीफ़े पर सवाल यदुनाथ पांडे ने चारों मंत्रियों- एनुस एक्का, हरिनारायण राय, मधु कोड़ा और कमलेश सिंह- के इस्तीफ़े पर सवाल उठाते हुए कहा, "मुख्यमंत्री ने राज्यपाल का ध्यान इस ओर दिलाया कि चारो के इस्तीफ़े फैक्स से मिले हैं. उनकी मूल प्रति नहीं मिली है." यह पूछे जाने पर कि सिर्फ़ 38 विधायकों के साथ वो बहुमत कैसे साबित कर पाएँगे उन्होंने कहा, "ये सब अंदर की बात है. हम विधानसभा में बताएँगे कि सरकार को बहुमत कैसे प्राप्त है." यूपीए की कवायद इस बीच दिल्ली में यूपीए के आला नेता वैकल्पिक सरकार बनाने की ज़ुगत में लग गए हैं.
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता सुधीर महतो ने बीबीसी को बताया, "गुरु जी (शिबू सोरेन) के आवास पर यूपीए के नेताओं की बैठक हुई. हम सभी एकजुट हैं. वैकल्पिक सरकार बनाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी." उन्होंने कहा, "जहाँ तक संख्य बल का सवाल है तो यूपीए के पास पहले से 39 विधायक थे. अब चार और आ गए हैं. दो-तीन विधायकों का और समर्थन मिल सकता है. हमारी संख्या और बढ़ेगी ही घटने का तो सवाल ही नहीं उठता. " उन्होंने राज्यपाल से बहुमत साबित करने का समय माँगने के लिए अर्जुन मुंडा की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी सरकार अल्पमत में है, इसलिए उन्हें तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. मुख्यंमत्री के दावेदार यूपीए की ओर से मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर सुधीर महतो ने कहा, "हम इस पर विचार कर रहे हैं. विधानसभा में शक्ति परीक्षण होने के बाद हम इसका खुलासा कर देंगे" वहीं, राजद नेता गिरिनाथ सिंह ने बीबीसी को बताया,"मुख्यमंत्री के लिए मधु कोड़ा का नाम फाइनल (तय) हो गया है. यूपीए में इस पर सहमति है. हम झारखंड में धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाएँगे जिसमें सभी तबकों की भागीदारी होगी." उन्होंने कहा कि अभी मध्यावधि चुनाव के बजाए वैकल्पिक सरकार का गठन ही राज्य के हित में है. गिरिनाथ सिंह ने यह भी बताया कि राज्यपाल ने मुंडा सरकार से 14 सितंबर को बहुमत साबित करने का समय दिया है. हालाँकि राजभवन ने इसकी पुष्टि नहीं की है. | इससे जुड़ी ख़बरें झारखंड में सरकार बनाने की कोशिशें तेज़06 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस झारखंड सरकार का संकट गहराया05 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस झारखंड की मुंडा सरकार अल्पमत में05 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस झारखंड के जल संसाधन मंत्री 'नज़रबंद'04 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुंडा सरकार पर संकट के बादल04 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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