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झारखंड की मुंडा सरकार अल्पमत में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
झारखंड में चारों बागी मंत्रियों के इस्तीफ़ा देने और सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद अर्जुन मुंडा सरकार अल्पमत में आ गई है. राज्य में जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने विधानसभा में बहुमत साबित करने का दावा किया है. बतौर नर्दिलीय विधायक राज्य सरकार में मंत्री बने एनुस एक्का, हरिनारायण राय, मधु कोड़ा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कमलेश सिंह ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में अविश्वास जताते हुए सरकार से समर्थन वापस ले लिया. इस बीच विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने बीबीसी को बताया कि मौजूदा राजनीतिक संकट का एकमात्र समाधान विधानसभा के भीतर ही निकल सकता है. उन्होंने कहा, "बोम्मई मामले में यह साफ हो चुका है कि बहुमत का फ़ैसला सदन में हो. इसलिए यहाँ भी यही होना चाहिए." विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, "मुझे राज्यपाल ने अभी तक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का संदेश नहीं दिया है." राजनीतिक घटनाचक्र पिछले तीन दिनों से दिल्ली में रुके तीनों निर्दलीय विधायक मंगलवार दोपहर बाद राँच पहुँचे और सीधे राज्यपाल सैयत सिब्ते रज़ी को सरकार से समर्थन वापसी का पत्र सौंप दिया.
तीनों के साथ राँची में ही रुके एनसीपी विधायक कमलेश सिंह और यूजीडीपी के विधायक बंधु तिर्की भी थे. चारों मंत्रियों ने अपना इस्तीफ़ा फैक्स के ज़रिए पहले ही राज्यपाल को भेज दिया था. राज्यपाल से मिलने के बाद चारों विधायक दिल्ली रवाना हो गए जहाँ वैकल्पिक सरकार बनाने की कवायद शुरु होने की संभावना है. चारों मंत्रियों के इस्तीफ़े के बाद 82 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ एनडीए सरकार के समर्थक विधायकों की संख्या 43 से घट कर 39 रह गई है. उधर विपक्षी यूपीए खेमे में पहले से ही 39 विधायक हैं. यूपीए के मुख्य घटक दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का कहना है कि उनके नेता शिबू सोरेन खुद मुख्यमंत्री बनने की होड़ में शामिल नहीं है और वैकल्पिक सरकार के गठन में कोई दिक्कत नहीं आएगी. मुख्यमंत्री का आरोप खुद मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने बीबीसी के साथ बातचीत में आरोप लगाया कि कुछ लोग इन विधायकों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "हमारी सरकार अभी बहुमत में है लेकिन कुछ लोग इसे अस्थिर करने का प्रयत्न कर रहे हैं. वे नाकाम होंगे. ऐसी कोशिश बार बार होती रही है. वो जो हथकंडा अपना रहे हैं उसे पूरे देश की जनता देखेगी." हालाँकि विपक्षी यूपीए के किसी घटक दल को कोसने से परहेज करते हुए उन्होंने सिर्फ़ इतना कहा, "समय आने पर मैं सब चीजें बताउँगा. अभी मैं किसी को दोष नहीं देना चाहता." | इससे जुड़ी ख़बरें झारखंड सरकार का संकट गहराया05 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस झारखंड के जल संसाधन मंत्री 'नज़रबंद'04 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुंडा सरकार पर संकट के बादल04 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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