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केश काटने की घटना पर भारी हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान में एक सिख छात्र के केश काटने के मामले को लेकर गुरुवार को राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और मध्य प्रदेश से विरोध प्रदर्शनों की ख़बरें मिल रही हैं. इस मामले की गूंज संसद में भी सुनाई दी जहाँ दोनों सदनों में इस मामले को लेकर काफ़ी हंगामा हुआ. लोकसभा में इस मामले पर हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित की गई. राज्यसभा में गृह मंत्री शिवराज पाटील ने इस घटना के बारे में बयान दिया और कहा कि राजस्थान सरकार दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रही है. उनका कहना था कि ज़रूरत महूसस हुई तो केंद्र सरकार इस मामले पर राज्य सरकार को निर्देश दे सकती है. ग़ौरतलब है कि कुछ लोगों ने विवाद के बाद राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक स्कूली छात्र इंदरप्रीत सिंह के केश काट दिए थे. लोकसभा में इस मामले को अकाली नेता सुखदेव सिंह ढींढसा ने उठाया. उन्होंने माँग की कि पूरे सदन को इस घटना की निंदा करनी चाहिए. भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. कांग्रेस की ओर मधुसूदन मिस्त्री ने यह मामला उठाया और उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपाशासित राज्यों में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने राजस्थान सरकार को बर्ख़ास्त करने की माँग की जिसका एनडीए सदस्यों ने भारी विरोध किया. लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने सदन में हंगामा होते देख कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी. इस मामले में कथित मुख्य अभियुक्त अर्जुन मीणा को गुरुवार को दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ़्तार कर लिया गया है. मामला इसके पहले बुधवार को सिखों की धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से इस मामले के संबंध में मुलाक़ात की थी.
इस मामले को लेकर राजस्थान और पंजाब में प्रदर्शन भी हुए हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सिख छात्र इंदरप्रीत सिंह के केश काटकर उनके धर्म का अपमान किया गया है. अधिकारियों के अनुसार इंदरप्रीत सिंह ने अपनी ही कक्षा में पढ़ने वाली एक लड़की के साथ सोमवार को कुछ लोगों की बदतमीज़ी का विरोध किया था और इस पर उन लोगों ने इंदरप्रीत सिंह के केश काट दिए. उल्लेखनीय है कि सिखों में बाल काटना धर्म के विरुद्ध माना जाता है. सिख लोगों ने बुधवार को इस घटना के विरोध में जयपुर में विरोध प्रदर्शन किया था और एक थाने में भी तोड़फोड़ की थी जहाँ छह लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि इस मामले में पुलिसकर्मियों को भी अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में बर्ख़ास्त किया जाना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें पगड़ी न पहनने देने पर नाराज़गी18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस फ्रांस में पगड़ी पर फिर बहस छिड़ी06 मार्च, 2006 | पहला पन्ना सिखों के कृपाण पहनने के पक्ष में फ़ैसला04 मार्च, 2006 | पहला पन्ना पाकिस्तानी सेना में पहले सिख की भर्ती20 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस सिख क़ैदी ने मामला दायर किया20 मई, 2005 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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