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लोकसभा में सांसदों की धक्कामुक्की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार के दो प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों के सांसदों के बीच संसद में धक्कामुक्की की घटना के बाद लोकसभा की कार्यवाही बाधित हो गई. विवाद तब शुरू हुआ जब बिहार में सत्ताधारी जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद प्रभुनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि आरा में हुए एक बलात्कार कांड में रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के रिश्तेदार शामिल थे. इसके बाद लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के सांसदों ने प्रभुनाथ सिंह के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की माँग शुरू कर दी. प्रभुनाथ सिंह के आरोपों का जवाब देते हुए लालू प्रसाद यादव ने उनके आरोपों को झूठा बताया और उल्टा आरोप लगाया कि प्रभुनाथ सिंह के बहनोई आरा बलात्कार कांड में शामिल हैं. इसके बाद दोनों दलों के सांसद एक-दूसरे पर झपटे, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी. स्पीकर सदन छोड़कर चले गए लेकिन दोनों तरफ़ से नारों और अपशब्दों की बौछार जारी रही. टीवी पर लोकसभा से कार्यवाही का सीधा प्रसारण हो रहा था, लाखों लोगों ने देखा कि किस तरह लालू यादव के साले साधु यादव प्रभुनाथ सिंह पर झपटे लेकिन दूसरे सांसदों ने उन्हें रोक लिया, इसके बाद एक सांसद ने साउंड बॉक्स उठाकर फेंका लेकिन उससे किसी को चोट नहीं लगी. इस विवाद में मुख्य रूप से शामिल दोनों सांसदों--प्रभुनाथ सिंह और साधु यादव--के ख़िलाफ़ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. दोपहर के भोजनावकाश के बाद स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने इस टकराव की निंदा की और दोनों पक्षों के सांसदों से गरिमापूर्ण आचरण करने का अनुरोध किया. राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने अपने सांसदों के व्यवहार के लिए स्पीकर से माफ़ी माँगी लेकिन साथ ही कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद का व्यवहार इस स्थिति के लिए ज़िम्मेदार है. इसके जवाब में प्रभुनाथ सिंह ने कहा कि अगर स्पीकर को लगता है कि उन्होंने ग़लत व्यवहार किया है तो वे अपने पद से इस्तीफ़ा देने को तैयार हैं, इसके बाद उन्होंने स्पीकर को अपना इस्तीफ़ा दिया और सदन से बाहर निकल गए. स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने प्रभुनाथ सिंह का इस्तीफ़ा नामंज़ूर कर दिया और उनसे सदन में लौट आने का अनुरोध किया. | इससे जुड़ी ख़बरें आरक्षण विधेयक के मसौदे को मंज़ूरी21 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस सूचना के अधिकार में अभी संशोधन नहीं19 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 'लाभ के पद' का विधेयक फिर पारित28 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस भारतीय राष्ट्रपति ने विधेयक लौटाया30 मई, 2006 | भारत और पड़ोस पिछड़ों को आरक्षण जून 2007 से23 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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