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नेपाल सरकार ने फ़ैसला वापस लिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में सरकार ने ईंधन के दाम बढ़ाने के विवादास्पद फ़ैसले को वापस ले लिया है. इस फ़ैसले के विरोध में पिछले दो दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहे थे. नेपाल सरकार ने कहा है कि उसने सरकारी तेल कंपनी से कहा है कि वो मूल्य वृद्धि को वापस ले. शुक्रवार को पेट्रोल और मिट्टी के तेल के दाम में 25 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी की गई थी. डीज़ल के दाम भी बढ़ाए गए थे. ईंधन के मूल्य में बढ़ोत्तरी के लिए सरकारी तेल कंपनी को हुए घाटे को वजह बताया गया था. नेपाल सरकार ने कहा था कि सरकारी तेल कंपनी पर कर्ज़ का बोझ है. इस बढ़ोत्तरी के विरोध में नेपाल की राजधानी काठमांडू में रविवार को दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर यातायात भी बाधित रहा. ये विरोध प्रदर्शन पिछले दो दिनों से हो रहे हैं. काठमांडू में सड़कों पर जले हुए टायर बिखरे पड़े हैं. शहर में कई इमारतों, पेट्रोल स्टेशनों और वाहनों को भी जला दिया गया. नाराज़ लोग सड़कों पर नारे लगाते नज़र आए जिनमें से कई माओवादियों के पक्ष में नारे लगा रहे थे. इससे पहले शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू की ओर जाने वाले और वहाँ से आने वाले रास्तों को रोके रखा. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में माओवादियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन19 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस पहले बड़े बदलाव हों: प्रचंड17 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में सेना प्रमुख को हटाने की माँग16 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस राजा की भूमिका पूरी तरह ख़त्म हो-प्रचंड14 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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