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नेपाल में सेना प्रमुख को हटाने की माँग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में बीस से ज़्यादा मानवाधिकार संगठनों ने लेफ़्टिनेंट जनरल रुकमंगद कटुवाल को कार्यवाहक सेना प्रमुख बनाने का विरोध किया है. इन संगठनों ने नेपाल सरकार से लेफ़्टिनेंट जनरल कटुवाल की नियुक्ति को रद्द करने की माँग की है. नेपाली सेना के प्रमुख जनरल प्यार जंग थापा पिछले महीने से एक माह की छुट्टी पर हैं और ज़ल्दी ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं. उनके छुट्टी लेने के बाद नेपाल सरकार ने कटुवाल को कार्यवाहक सेनाध्यक्ष बनाने का फ़ैसला किया था. मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि इस वर्ष शुरु में जब राजशाही के ख़िलाफ़ लोकतांत्रिक आँदोलन हुए थे तब लेफ्टिनेंट जनरल कटुवाल ने आँदोलनकारियों के ख़िलाफ़ ज़्यादती की थी. उन पर मध्य पश्चिम सैन्य कमान का प्रमुख रहते हुए मानवाधिकारों का उल्लंघन करने का भी आरोप है. लोकतंत्र समर्थक आँदोलनकारियों के साथ हुई कथित ज़्यादती में जनरल जंग और कटुवाल की भूमिका पर न्यायिक आयोग उनसे पूछताछ कर चुकी है. आयोग ने अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नेपाल में बातचीत टूटने के कगार पर'07 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में राजशाही से जुडा विधेयक 01 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाली सेना प्रमुख से पूछताछ होगी28 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल के प्रधानमंत्री अस्पताल में भर्ती03 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस हथियार नहीं छोड़ेंगे नेपाली माओवादी21 जून, 2006 | भारत और पड़ोस दो पूर्व नेपाली मंत्रियों की रिहाई का आदेश18 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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