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राजा की भूमिका पूरी तरह ख़त्म हो-प्रचंड | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में माओवादियों के नेता पुष्पकमल दहल उर्फ़ प्रचंड ने कहा है कि अगले साल होने वाले संविधान सभा के चुनाव में राजा की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए. उन्होंने झापा ज़िले में पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी का मत है कि नई सरकार में नेपाल नरेश की 'सांकेतिक भूमिका' भी नहीं होनी चाहिए. प्रचंड ने बिना किसी देश का नाम लिए हुए कहा कि विदेशी ताकतें राजशाही को बनाए रखने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि शासकीय प्रणाली से राजशाही की पूर्ण विदाई के लिए वो विभिन्न राजनैतिक दलों से बातचीत कर रहे हैं. कोइराला पिछले वर्ष नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र के सत्ता की बागडोर सीधे अपने नियंत्रण में ले लेने के बाद कोइराला की पार्टी नेपाली कॉंग्रेस ने राजमहल से अपनी निकटता ख़त्म करने की घोषणा की थी. इस वर्ष अप्रैल में व्यापक जनआँदोलन के बाद नेपाल नरेश ने सत्ता सात दलों के गठबंधन को सौंप दी. | इससे जुड़ी ख़बरें हथियारों के मुद्दे पर हो गई सहमति09 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 'नेपाल में बातचीत टूटने के कगार पर'07 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 'कोइराला भूल गए कि सत्ता कैसे मिली'07 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस राजपरिवार के पास 1700 एकड़ ज़मीन04 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में राजशाही से जुडा विधेयक 01 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादियों की धमकी पर भारत चिंतित 01 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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