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लाहौर हाई कोर्ट ने जवाब माँगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में लाहौर हाई कोर्ट ने वहाँ की पंजाब सरकार से लश्करे तैबा के पूर्व प्रमुख हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को हिरासत में रखे जाने को लेकर जवाब-तलब किया है. हाफ़िज मोहम्मद सईद को 10 अगस्त के बाद से उनके घर में नज़रबंद करके रखा गया है. इस समय वे चैरिटी संस्था जमात-उद-दावा के प्रमुख हैं. हाफ़िज मोहम्मद सईद की पत्नी ने उन्हें हिरासत में रखे जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ याचिका दायर की थी. याचिका की सुनवाई के बाद लाहौर हाई कोर्ट के जज मोहम्मद अख़्तर शब्बीर ने प्रांतीय सरकार से इस मामले में 23 अगस्त तक जवाब देने के लिए कहा है. लश्करे तैबा के पूर्व प्रमुख के वकील नज़ीर अहमद ग़ाज़ी ने कहा है कि उनके मुवक्किल को हिरासत में रखने का आधार ‘बेतुका’ है. नज़ीर अहमद ग़ाज़ी ने कहा कि हाफ़िज मोहम्मद सईद के ख़िलाफ़ ‘तेज़ तर्रार वक्ता’ होने, बैठकें कर लोगों को सरकारी आदेशों के ख़िलाफ़ ‘भड़काने’ के आरोपों का ‘आधार नहीं’ है. हाफ़िज मोहम्मद सईद को पाकिस्तान में उस सरकारी का़नून के तहत हिरासत में रखा गया है जिसमें औपचारिक मुकदमे के बगैर सरकार उन्हें हिरासत में रख सकती है या घर में नज़रबंद कर सकती है. जमात-उद-दावा संगठन को पाकिस्तान सरकार ने वहाँ के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रैली निकालने की अनुमति नहीं दी थी. पाँच साल पहले तक हाफ़िज मोहम्मद लश्करे-तैबा के प्रमुख थे जो भारत प्रशासित कश्मीर में सक्रिय है. पाकिस्तान सरकार ने दिसंबर 2001 में इस पर प्रतिबंध लगा दिया था. जमात-उद-दावा नाम के चैरिटी संगठन को अमरीकी ने चरमपंथी गुटों की सूची में शामिल किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया15 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस लश्करे तैबा के पूर्व प्रमुख नज़रबंद10 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में 'सुन्नी चरमपंथी' को फाँसी09 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ की कश्मीर योजना को धक्का29 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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