|
बांग्लादेश सीमा पर गोलीबारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
असम में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल और बांग्लादेश रायफ़ल्स के बीच गुरूवार को भारी गोलीबारी होने की ख़बरें हैं जिसमें बीएसएफ़ के दो जवान मारे गए हैं. बीएसएफ़ के अनुसार इस संघर्ष में बांग्लादेश रायफ़ल्स यानी बीडीआर के पाँच जवान भी मारे गए हैं हालाँकि बीडीआर ने कहा है कि उनका कोई जवान नहीं मारा गया है. बीएसएफ़ ने कहा है कि उसके दो जवान असम में हरिनगर में मारे गए हैं. ये झड़प दोनों देशों के बीच सीमा विवाद का नतीजा है. सीमा पर स्थित काठीघोरा के एक इलाक़े पर बरसों से दोनों देशों की दावेदारी रही है. सीमा सुरक्षा बल का कहना है कि स्थानीय किसानों को इस क्षेत्र में खेती करने के लिए प्रेरित किया गया था. इसी के तहत आसपास के गाँव वाले यहाँ खेतीबाड़ी कर रहे थे जिसका बीडीआर ने विरोध किया. झड़प बीएसएफ़ का कहना है क इस मामले ने बुधवार को तूल पकड़ लिया और भारतीय समयानुसार रात लगभग 1030 बजे बीडीआर ने गोलीबारी शुरु की जिसका बीएसएफ ने जवाब दिया. धीरे-धीरे झड़प बढ़ती गई और दोनों ओर से मोर्टार से हमले होने लगे. गुरुवार दोपहर दोनों ओर से फिर गोलीबारी शुरु हुई और इसका दायरा काठीघोरा से पाँच किलोमीटर दूर हरिनगर तक फैल गया. मौजूदा स्थिति के मद्देनज़र सीमा से लगे 11 गाँवों के लगभग 10 हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया गया है. बीएसएफ ने अपने बयान में कहा है कि बीडीआर की ओर से दागा गया एक गोला कछार ज़िले के एक गाँव में फटा जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई. | इससे जुड़ी ख़बरें ढाका में प्रदर्शनकारी और पुलिस भिड़े11 जून, 2006 | भारत और पड़ोस 'घुसपैठ के मामले में कोई दया नहीं'01 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस भारत और बांग्लादेश के बीच दो समझौते21 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में 'चरमपंथी' गिरफ़्तारी02 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||