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सवालों से उभरा विवाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात में आयुर्वेद डॉक्टरों की बहाली परीक्षा में पूछे गए सवालों से विवाद उत्पन्न हो गया है. इन सवालों का ताल्लुक धार्मिक,राजनीतिक पहलुओं से है. राज्य की लोक सेवा आयोग यानी जीपीएससी से संचालित इस परीक्षा में एक सवाल था - 'ईसाईयों को धर्म परिवर्तन का अधिकार है'. यह किसका कथन है? जवाब के लिए चार विकल्प थे - सोनिया गाँधी , सिस्टर निर्मला, पोप बेनेडिक्ट या फादर प्रकाश. इसी तरह के लगभग 12 सवाल प्रश्नपत्र में दिए गए थे जिनमें से कुछ केंद्र सरकार से संबंधित थे और कुछ में राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की गई थी. विरोध स्थानीय समाजशास्त्री अच्युत यागनिक ने अपनी प्रतिक्रिया में बीबीसी से कहा, "इससे बौद्धिक दिवालिएपन का पता चलता है. जीपीएससी से जो भी बहाली होती है वो राजनैतिक नियुक्तियाँ हैं." जीपीएससी के चेयरमैन आईएम भावसर ने कहा, "हमें खुद प्रश्नपत्र देखकर आश्चर्य हुआ. लेकिन अब कुछ नहीं किया जा सकता क्योंकि परीक्षा हो चुकी है." उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने और उसकी छपाई में पूर्ण गोपनीयता बरती जाती है. भावसर ने बताया कि जब भी लोक सेवा आयोग की अगली बैठक होगी, उसमें यह मुद्दा उठाया जाएगा और जिन्होंने भी ये सवाल तैयार किए हैं उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई पर भी चर्चा की जाएगी. गुजरात में इससे पहले भी समाज विज्ञान की एक क़िताब पर विवाद हो चुका है जिसमें हिटलर की प्रशंसा की गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ग़ैरक़ानूनी धार्मिक अतिक्रमण हटाए जाएँ'02 मई, 2006 | भारत और पड़ोस मोदी विरोधी मुहिम तेज़ हुई19 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस कोर्ट ने गुजरात सरकार को फटकार लगाई08 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस मुसलमानों के बहिष्कार की धमकी04 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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