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रिलायंस की भी जाँच होनी चाहिए-करात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मार्कसवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के महासचिव प्रकाश करात ने कहा है कि इराक़ के तेल के बदले अनाज कार्यक्रम घोटाले में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की भूमिका की भी जाँच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस घोटाले में चार लोगों के शामिल होने की बात आई थी लेकिन रिलायंस इंडस्ट्रीज़ पर कोई कुछ नहीं कह रहा है. दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि उसने अपने सभी सौदे में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नियम-क़ानूनों का पालन किया है. उल्लेखनीय है कि इसी मामले में कांग्रेस और उसके नेता नटवर सिंह के शामिल होने की बात वोल्कर रिपोर्ट में कही गई थी और उसकी जाँच के लिए सरकार ने पाठक समिति का गठन किया था. पाठक समिति की रिपोर्ट आने के बाद से यह मामला एक बार फिर गर्माया हुआ है. सीपीएम महासचिव करात ने शनिवार को अहमदाबाद में कहा है कि कहा कि जब रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के इस घोटाले में होने का मामला संसद में उठाया गया तो कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी के लोग चुप्पी साधे रहे. उनका कहना था कि रिलायंस सहित के इस घोटाले में शामिल होने की जाँच की जानी चाहिए. सफ़ाई सीपीएम नेता के इस आरोप के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की ओर से एक सफ़ाई पेश की गई है. रिलायंस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि उसने अपने सभी सौदे में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नियम-क़ानूनों का पालन किया है. रिलायंस की अधिकृत वेबसाइट पर मौजूद इस बयान में कहा गया है कि इराक़ में चल रहे संयुक्त राष्ट्र के तेल के बदले अनाज कार्यक्रम को लेकर रिलायंस का ज़िक्र किए जाने की ओर उनका ध्यान आकृष्ट किया गया है. इस बयान में कहा गया है कि किसी भी देश के साथ होने वाले सौदे के बारे में रिलायंस भारत सरकार के विभिन्न विभागों को समय-समय पर नियम-क़ायदों के तहत जानकारी देता रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें सोमवार को अपने पत्ते खोलेंगे नटवर सिंह05 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस पाठक रिपोर्ट पर संसद में भारी हंगामा04 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस नटवर पर पाठक समिति की रिपोर्ट03 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस नटवर बलि का बकराः भाजपा06 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस दोषी व्यक्ति बख़्शे नहीं जाएँगे-सोनिया15 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नटवर पर गिरी गाज, विदेश मंत्रालय छिना07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वामपंथी नटवर के समर्थन में आए 04 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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