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'बीस संदिग्ध तालिबान लड़ाके मारे गए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़गानिस्तान में तैनात अंतरराष्ट्रीय सेना का कहना है कि दक्षिणी प्रांत उरुज़ग़ान में बीस संदिग्ध तालेबान लड़ाके मारे गए हैं. अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने अपने बयान में कहा है कि मारे गए तालेबान लड़ाके एक परिसर में छिप कर हमले की योजना बना रहे थे. वे अपनी योजना पर अमल करते, उससे पहले ही गठबंधन सेनाओं ने अफ़गान सुरक्षा बलों के साथ मिल कर धावा बोल दिया. इस अभियान में गठबंधन सेना या अफ़गानी सुरक्षाबलों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है. इसस पहले गठबंधन सेना ने बताया था कि उन्होंने पूर्वी अफ़गानिस्तान के ख़ोस्त प्रांत से चार संदिग्ध अलक़ायदा चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया है. गठबंधन सेना के कर्नल टॉमस कॉलिंस ने कहा, "इस कार्रवाई से हर आतंकवादी को सचेत हो जाना चाहिए." गठबंधन सेनाएँ अभी दक्षिणी और पूर्वी अफ़गानिस्तान में सरकार विरोधी चरमपंथियों से जूझ रही है. शुक्रवार को हेलमंद प्रांत में हुई झड़प में 14 तेलाबान लड़ाके मारे गए थे. पिछले कुछ महीनों में संदिग्ध अल क़ायदा और तालेबान चरमपंथियों की ओर से हमले बढ़े हैं. नैटो की सेनाएँ दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में इस साल के अंत तक अमरीकी सेना की जगह ले लेंगी. उम्मीद है कि वहाँ 21 हज़ार नैटो सैनिक तैनात किए जाएँगे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'चार अल क़ायदा चरमपंथी हिरासत में' 29 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'हेलमंद में 19 तालेबान विद्रोही मारे गए'23 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस दो अफ़ग़ान शहरों पर सेना का नियंत्रण19 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष तेज़ हुआ15 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में और सैनिक भेजेगा ब्रिटेन10 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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