BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 26 जुलाई, 2006 को 22:43 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
हत्या तो हुई नहीं, पर जेल हो गई...
ताज मोहम्मद को फ़ँसाने के लिए मलकानी बीबी को दफ़न करने तक का नाटक किया गया
पाकिस्तान में 'हत्या' के जुर्म में तीन साल से जेल में बंद एक व्यक्ति को जेल से इसलिए रिहा कर दिया गया है क्योंकि पता चला है कि 'हत्या' असल में हुई ही नहीं.

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि कुछ साल पहले मलिक ताज मोहम्मद नाम के इस व्यक्ति पर ज़मीन-जायदाद के झगड़े में अपनी रिश्तेदार मलकानी बीबी की हत्या का आरोप लगा था.

उनसे दुश्मनी रखने वालों ने ताज मोहम्मद को फँसाने के लिए मलकानी बीबी को दफ़न करने तक नाटक रच दिया.

ताज मोहम्मद के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ और निचली अदालत ने उन्हें दोषी पाया. पिछले तीन साल से वे जेल में बंद थे.

लेकिन हाल में ताज मोहम्मद को जानकारी मिली कि मलकानी बीबी को चोरी के एक मामले में गिरफ़्तार किया गया और वे गुजरात शहर में जेल में हैं.

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई और मुख्य न्यायाधीश ने मलकानी बीबी को पेश किए जाने का आदेश दिया.

जब मामला स्पष्ट हो गया तो ताज मोहम्मद को तत्काल रिहा किए जाने का हुक्म दिया गया.

सुप्रीम कोर्ट ने माना की ताज मोहम्मद के साथ घोर अन्याय हुआ है और न्यायालय ने पूरे मामले की जाँच करवाए जाने का आदेश भी सुनाया.

अब ये भी तय किया जाएगा कि ताज मोहम्मद मुआवज़ा पाने के हक़दार हैं या नहीं.

इससे जुड़ी ख़बरें
जनरल के काफ़िले पर हमले में 10 मरे
10 जून, 2004 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>