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'एसमएस से अफ़वाह फैलाने पर कार्रवाई' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पुलिस ने एसएमएस के जरिए अफ़वाह फैलाने वालों के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. पुलिस ने कहा है कि अगर किसी व्यक्ति के मोबाइल से पुलिस को ग़लत संदेश मिलता है तो उनके मोबाइल फ़ोन को निष्क्रिय किया जा सकता है. पुलिस ने भी ये चेतावनी एसएमएस के जरिए जारी की है. शहर के सभी मोबाइलधारकों को पुलिस प्रशासन का संदेश भेजा गया है. इसमें कहा गया है कि अफ़वाह फैलाना गैरक़ानूनी है और दोषी पाए जाने वालों को सज़ा भी हो सकती है. अफ़वाह मुंबई बम धमाकों के बाद चेन्नई पुलिस को कई ऐसे एसएमएस मिले जिनमें स्कूल, धर्मस्थल, सिनेमाघर जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बम रखे होने की ग़लत सूचना दी गई थी. इन सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने ज़बर्दस्त अभियान शुरु किया लेकिन कहीं से भी कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ. उल्लेखनीय है कि देश भर के कई शहरों में ऐसे गलत संदेश पुलिस को प्राप्त हुए थे. दिल्ली में भी मुंबई धमाकों के अगले दिन से ही अक्षरधाम मंदिर और इंडिया गेट जैसे मुख्य स्थानों पर बम रखे होने की ग़लत सूचना पुलिस को मिलनी शुरु हो गई थी. हालाँकि सभी सूचनाएँ ग़लत साबित हुई. मोबाइल के जरिए इंडिया गेट पर बम रखे होने की झूठी सूचना देने वाले व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ़्तार भी कर लिया था. इसी तरह इंदौर के इंटरनेट कैफ़े से राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट पर धमकी भरा संदेश भेजने वाले युवक को भी गिरफ़्तार किया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें कोयंबटूर में विस्फोटों की योजना विफल22 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस ख़ुफ़िया तंत्र मज़बूत बनाने की सिफ़ारिश19 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस ब्लॉग साइट पर 'रोक', युवाओं में गुस्सा19 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई धमाकों के बाद शांति एलबम22 जुलाई, 2006 | मनोरंजन इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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