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अफ़गानिस्तान में 19 'तालेबान' मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अधिकारियों का कहना है कि अफ़गानिस्तान के दक्षिणी हिस्से में अंतरराष्ट्रीय सेना के साथ मुठभेड़ में कम से कम 19 संदिग्ध तालेबान लड़ाके मारे गए हैं. हेलमंद प्रांत के सरकारी प्रवक्ता ग़ुलाम मोहीउद्दीन ने बताया कि तालेबान लड़ाकों ने नवजाड़ गाँव पर धावा बोल कर वहाँ स्थित अफग़ान सुरक्षाकर्मियों और अंतरराष्ट्रीय सेना के कैंप को निशाना बनाने की कोशिश की. लड़ाकों ने गाँव पर हमला करने से पहले दुकानदारों को दुकानें बंद कर अलग जाने को कहा. बाद में नाटो के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय सेना ने हवाई हमले किए जिसमें एक कार में सवार 12 तालेबान लड़ाके मारे गए. अमरीकी सेना के मुताबिक दोनों तरफ़ से लड़ाई बुधवार सुबह शुरु हुई और कई घंटों तक चली. सरकारी प्रवक्ता मोहीउद्दीन ने समाचार एजेंसी एपी से कहा, "तालेबान ने पहले पूरे इलाके की घेराबंदी की और दुकानदारों से दूर जाने को कहा. इसके बाद उन्होंने छोटे हथियारों और रॉकेट के जरिए हथगोले फेंके." शुरुआती संघर्ष में सात हमलावर मारे गए और दो अन्य घायल हो गए. बाद में हुई हवाई बमबारी में कार पर सवार होकर भाग रहे 12 संदिग्ध तालेबान लड़ाके मारे गए. अफ़गानिस्तान के दक्षिणी हिस्से में इस वर्ष हिंसक घटनाओं में तेजी आई है. स्थानीय विद्रोहियों और तालेबान लड़ाकों के ख़िलाफ कई अभियानों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन को क़ाफी नुकसान उठाना पड़ा है. इस वर्ष मई के बाद से अब तक लगभग 3000 ब्रितानी सैनिकों को हेलमंद में तैनात किया जा चुका है. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रशिक्षण शिविरों से करज़ई चिंतित02 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'बीस संदिग्ध चरमपंथियों की मौत'03 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'सैन्य कार्रवाई में 35 तालेबान मारे गए'05 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस दस तालेबान लड़ाके 'मारे गए'08 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस हेलमंद में और सैनिक भेजेगा ब्रिटेन10 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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