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उड़ीसा में भारी बारिश से 21 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उड़ीसा में तीन दिनों से हो रही बारिश की वजह से कम से कम 21 लोग मारे गए हैं और कई लोग लापता हैं. ज़्यादातर मौतें ज़मीन और मकान धसकने से हुई हैं. ग्यारह लोगों की मौत तो अकेले गजपति ज़िले के गुमा ब्लॉक में हुई है जहाँ ज़मीन धँसकने और मकान गिरने की कई घटनाएँ घटी हैं. रायगढ़ा ज़िले में रेलवे पटरी पर ज़मीन धँसकने के बाद उसकी सफ़ाई कर रहे आठ मज़दूर उस समय मलबे के नीचे दब गए जब एक ज़मीन धँसकने की एक बड़ी घटना हो गई. बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिम में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण दक्षिण उड़ीसा के तटीय इलाक़ों के कई ज़िलों में पिछले तीन दिनों से ज़ोरदार बारिश हो रही है. ख़बरें हैं कि बंसधारा और नागावली नदियाँ उफ़ान पर हैं. रायगढ़ा और गजपति ज़िलों में निचले इलाक़ों में पानी भर जाने की वजह से हज़ारों परिवार को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है. छह लोगों की मौत गुमा ब्लॉक के झिंगरीताल गाँव में हुई. इस पहाड़ी इलाक़े में घरों के ऊपर पत्थर और मिट्टी धँसककर गिर गई. यहाँ दो दिनों में तीस सेंटीमीटर से ज़्यादा बारिश हो चुकी थी. तीन अन्य की मौत मिंझरी गाँव में हुई. मौसम विभाग का कहना है कि अब कम दबाव का क्षेत्र थोड़ा पश्चिम की ओर खिसक गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें मुंबई में बारिश, कई जगह पानी भरा03 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस गुजरात में भारी बारिश से 12 की मौत02 जून, 2006 | भारत और पड़ोस मध्यप्रदेश में भारी बारिश, 39 की मौत10 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस तूफ़ान टला, भारी बारिश की आशंका10 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस चेन्नई में भारी बारिश, उड़ीसा सतर्क27 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में एक हज़ार मछुआरे लापता20 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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