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खनन कंपनी के विनिवेश का विरोध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में केंद्र सरकार की एक सहयोगी पार्टी डीएमके ने देश की एक मुख्य खनन कंपनी में आंशिक रूप से विनिवेश करने के फ़ैसले का विरोध किया है. केंद्र में यूपीए सरकार ने नाइवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन कंपनी में दस फ़ीसदी हिस्सेदारी का विनिवेश करना का फ़ैसला किया है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके के अध्यक्ष एम करुणानिधि ने केंद्र सरकार से अपने फ़ैसले पर फिर विचार करने के लिए कहा है. डीएमके पार्टी केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की सहयोगी है. एम करुणानिधि ने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखी एक चिट्ठी में कहा है कि नाइवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन में विनिवेश करने का प्रस्ताव न्यूनतम साझा कार्यक्रम के अनुरूप नहीं है. यूपीए सरकार के गठन के समय सभी सहयोगी पार्टियों से विचार विमर्श कर न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार किया गया था. एम करुणानिधि ने कहा है कि केंद्र सरकार को उन राजनीतिक पार्टियों के विचारों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए जो विनिवेश के ख़िलाफ़ हैं. तमिलनाडु में सभी मुख्य राजनीतिक पार्टियों और व्यापार संगठनों ने नाइवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन के विनिवेश का विरोध किया है. यूपीए सरकार की सहयोगी वामपंथी पार्टियाँ भी सरकार की कई आर्थिक नीतियों का विरोध करती रही हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें तेल की बढ़ती क़ीमतों पर मसला16 जून, 2006 | भारत और पड़ोस तेल मूल्य वृद्धि के ख़िलाफ़ हड़ताल13 जून, 2006 | भारत और पड़ोस मनमोहन सरकार ने दो साल पूरे किए22 मई, 2006 | भारत और पड़ोस कांग्रेस-डीएमके के बीच चुनावी समझौता09 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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