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दिल्ली में डॉक्टरों की हड़ताल ख़त्म | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में आरक्षण के विरोध में दिल्ली में हड़ताली डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हड़ताल ख़त्म करने और गुरुवार से स्वास्थ्य सेवाएँ शुरू करने की घोषणा की है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में हड़ताल कर रहे डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों से बुधवार को कहा था कि वे अपनी हड़ताल, प्रदर्शन और किसी भी तरह का विरोध तुरंत ख़त्म करें और स्वास्थ्य सेवाएँ बहाल करें. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में रेज़िडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद पात्रो ने बीबीसी को बताया, "स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करने और मरीज़ों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है और गुरुवार सुबह से सभी डॉक्टर काम पर लौट आएंगे." उन्होंने बताया कि बुधवार को शाम पाँच बजे सुप्रीम कोर्ट से उन्हें कार्रवाई से संबंधित आदेश मिले जिसके बाद दो घंटे चली बातचीत में यह निर्णय लिया गया. इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर करने का भी फ़ैसला लिया गया है. हालाँकि उन्होंने बताया कि यूथ फ़ॉर इक्वेलिटी के बैनर तले आरक्षण व्यवस्था का अन्य तरीकों से विरोध जारी रहेगा. निर्देश इससे पहले न्यायमूर्ति अरिजीत पसायत और न्यायमूर्ति एसएस पंटा के अवकाश पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को केंद्र सरकार और हड़ताल कर रहे डॉक्टरों के तर्कों को सुना. पीठ ने मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के रेसीडेंट डॉक्टरों की याचिका स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया. अदालत ने डॉक्टरों से कहा था कि वे किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन ख़त्म करके स्वास्थ्य सेवाएँ तुरंत बहाल करें और सभी डॉक्टर तीन दिन के भीतर ड्यूटी पर उपस्थित हों. अदालत ने सरकार से कहा है कि वो पिछड़ी जातियों को आरक्षण देने के लिए कोई भी नीति बनाने से पहले इस पूरे मामले पर अदालत के अंतिम फ़ैसले को ध्यान में रखें. सुप्रीम कोर्ट के पीठ ने आंदोलन कर रहे मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों से कहा था कि वो चाहें तो इस मामले में एक और याचिका दायर कर सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें हड़ताल तुरंत ख़त्म करें: सुप्रीम कोर्ट31 मई, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण पर केंद्र सरकार को नोटिस29 मई, 2006 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री का नया प्रस्ताव भी नामंज़ूर28 मई, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण का मुद्दा ख़त्म- मनमोहन25 मई, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण के ख़िलाफ़ हड़ताल का आह्वान25 मई, 2006 | भारत और पड़ोस पिछड़ों को आरक्षण जून 2007 से23 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'आरक्षण संवैधानिक सच्चाई है'21 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सरकार-डॉक्टरों के बीच बातचीत विफल18 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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