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मेडिकल छात्रों की हड़ताल जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का आश्वासन भी काम नहीं आया और आरक्षण का विरोध कर रहे मेडिकल छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है. शुक्रवार को आरक्षण के विरोध में आंदोलन कर रहे मेडिकल छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की थी. इस प्रतिनिधिमंडल को मनमोहन सिंह ने ख़ुद आश्वासन दिया था कि सरकार हर वर्ग के हितों का ध्यान रखेगी और किसी भी वर्ग के छात्र का नुक़सान नहीं होने दिया जाएगा. उल्लेखनीय है कि संविधान में किए गए 93 वें संशोधन के अनुरुप सरकार ने केंद्र सरकार के समर्थन से चलने वाले देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थान में पिछड़े वर्ग के छात्रों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है. सरकार ने अगले साल जून से आरक्षण लागू करने का फ़ैसला करते हुए कहा है कि अन्य वर्गों के हितों का ध्यान रखते हुए सरकार इस संस्थानों में सीटों की संख्या बढ़ाएगी. दिल्ली में रैली शुक्रवार को 12 मेडिकल छात्र प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर निकले तो उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्लासन दिए हैं लेकिन वे इसके बारे में विचार करने के बाद ही आंदोलन का भविष्य तय करेंगे. बाद में मेडिकल छात्रों ने घोषणा कर दी कि वे अपना आंदोलन वापस नहीं ले रहे हैं. बीबीसी से हुई चर्चा में छात्र नेता नेहा गामी ने कहा, "प्रतिनिधि मंडल को प्रधानमंत्री ने आश्वासन तो दिया है लेकिन वो नीति बदलने की बात नहीं कर रहे हैं." नेहा गामी का कहना था कि छात्र सरकार की ओर से ठोस आश्वासन चाहते हैं और चाहते हैं कि सरकार समयबद्ध कार्यक्रम की घोषणा करे. मेडिकल छात्रों ने साफ़ कर दिया है कि सरकार की ओर से जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिलता वे आंदोलन जारी रखेंगे. हालांकि ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि छात्र किसे ठोस आश्वासन कह रहे हैं. दरअसल आंदोलन को दूसरे वर्गों से मिल रहे समर्थन को लेकर भी उत्साहित हैं और स्वीकार करते हैं कि वे सरकार को दिखाना चाहते हैं कि उनकी ताक़त बढ़ रही है. इसी ताक़त को दिखाने के लिए छात्रों ने शनिवार को दिल्ली की रामलीला मैदान में एक रैली का आयोजन किया है. छात्रों को उम्मीद है कि इस रैली में बड़ी संख्या में दूसरे वर्ग के लोग भी भाग लेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें मेडिकल छात्रों से मिले प्रधानमंत्री26 मई, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण का मुद्दा ख़त्म- मनमोहन25 मई, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण के ख़िलाफ़ हड़ताल का आह्वान25 मई, 2006 | भारत और पड़ोस पिछड़ों को आरक्षण जून 2007 से23 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'आरक्षण संवैधानिक सच्चाई है'21 मई, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में आरक्षण विरोधी रैली20 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सरकार-डॉक्टरों के बीच बातचीत विफल18 मई, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण पर विचार के लिए समिति17 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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