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कश्मीर गोलमेज़ सम्मेलन का दूसरा दिन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में कश्मीर गोलमेज़ सम्मेलन में गुरुवार को दूसरे दिन की बातचीत चल रही है. इस सम्मेलन की अध्यक्षता भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कर रहे हैं. उधर अलगाववादी संगठनों ने इस सम्मेलन के विरोध में आम हड़ताल का आह्वान किया है. चरमपंथी संगठनों की ओर से इस सम्मेलन के विरोध के मद्देनज़र सुरक्षा के ख़ास इंतज़ाम किए गए हैं. बुधवार को प्रधानमंत्री ने सम्मेलन की शुरुआत करते हुए नए जम्मू-कश्मीर के निर्माण के लिए पाँच सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की थी. उन्होंने नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर चले गए कश्मीरी चरमपंथियों को आश्वासन दिया है कि यदि वो लौटते हैं तो उनके मामलों पर पुनर्विचार किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है कि हिरासत में मौत को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने पाँच सूत्रीय कार्यक्रम के तहत लोगों की सुरक्षा, मानवाधिकार की रक्षा और अच्छा प्रशासन देने, विभिन्न इलाक़ों की पहचान को बनाए रखते हुए उन्हें नज़दीक लाने, राज्य के आर्थिक विकास के प्रयास करने और नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के लोगों के लिए संस्थागत प्रयासों पर ज़ोर देने की बात कही थी. इस गोलमेज़ सम्मेलन में सत्तारुढ़ कांग्रेस, पीडीपी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ़्रेंस के दोनों उदारवादी और कट्टरपंथी धड़ों ने इस गोलमेज़ सम्मेलन में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें जम्मू कश्मीर के लिए पाँच सूत्रीय कार्यक्रम24 मई, 2006 | भारत और पड़ोस हिंसा के बीच कश्मीर में गोलमेज़ सम्मेलन24 मई, 2006 | भारत और पड़ोस भाजपा भी सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगी23 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगी हुर्रियत22 मई, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीनगर रैली में गोलीबारी, सात की मौत21 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'कश्मीरी नेताओं का सहयोग चाहिए'25 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस मीरवाइज़ ने की जम्मू में पहली रैली02 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हुर्रियत नेताओं की प्रधानमंत्री से बातचीत03 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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