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जम्मू कश्मीर के लिए पाँच सूत्री कार्यक्रम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दूसरे गोलमेज़ सम्मेलन की शुरुआत करते हुए जम्मू कश्मीर के विकास के लिए पाँच सूत्री कार्यक्रम की घोषणा की है. उन्होंने नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर चले गए कश्मीरी चरमपंथियों को आश्वासन दिया है कि यदि वो लौटते हैं तो उनके मामलों पर पुनर्विचार किया जाएगा. साथ ही प्रधानमंत्री सिंह ने कहा है कि हिरासत में मौत को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कश्मीर मसले पर श्रीनगर में गोलमेज़ सम्मेलन शुरू होने से पहले श्रीनगर में चरमपंथियों ने ग्रेनेड से हमला किया है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने श्रीनगर पहुँचने के बाद पहले संयुक्त कमान की बैठक की. इधर हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े और कई अलगाववादी संगठनों ने सम्मेलन के विरोध में बंद का आव्हान किया था. प्राथमिकता दूसरे गोलमेज़ सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि कुछ तत्व हैं जो शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने नए कश्मीर के निर्माण के लिए पाँच सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की प्राथमिकता जम्मू कश्मीर की बेहतरी है. प्रधानमंत्री ने पाँच सूत्रीय कार्यक्रम के तहत लोगों की सुरक्षा, मानवाधिकार की रक्षा और अच्छा प्रशासन देने, विभिन्न इलाक़ों की पहचान को बनाए रखते हुए उन्हें नज़दीक लाने, राज्य के आर्थिक विकास के प्रयास करने और नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के लोगों के लिए संस्थागत प्रयासों पर ज़ोर देने की बात कही. उन्होंने कहा कि जो हिरासत में हैं उनके मामलों पर नए सिरे से विचार किया जा रहा है और जो लोग भारत के क़ानूनों का उल्लंघन करते हुए सीमापार चले गए हैं और लौटना चाहते हैं उनके मामलों पर भी पुनर्विचार होगा. इस गोलमेज़ सम्मेलन में सत्तारुढ़ कांग्रेस, पीडीपी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ़्रेंस ने इस गोलमेज़ सम्मेलन में हिस्सा लेने से इंकार कर दिया था. सम्मेलन गुरुवार को भी जारी रहेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें हिंसा के बीच कश्मीर में गोलमेज़ सम्मेलन24 मई, 2006 | भारत और पड़ोस भाजपा भी सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगी23 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगी हुर्रियत22 मई, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीनगर रैली में गोलीबारी, सात की मौत21 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'कश्मीरी नेताओं का सहयोग चाहिए'25 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस मीरवाइज़ ने की जम्मू में पहली रैली02 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हुर्रियत नेताओं की प्रधानमंत्री से बातचीत03 मई, 2006 | भारत और पड़ोस गीलानी धड़े ने न्यौता ठुकराया20 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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