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पाकिस्तान के लिए नई पुनर्निर्माण योजना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र संघ पिछले वर्ष अक्तूबर में पाकिस्तान में आए विनाशकारी भूकंप से प्रभावित इलाक़ों में जारी पुनर्निर्माण योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए तीस करोड़ डालर की सहायता राशि उपलब्ध कराएगा. इस भूकंप में बेघर हुए हज़ारों लोग अभी भी अस्थाई राहत शिविरों में रह रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र पुनर्निर्माण योजना के अगले चरण में इन विस्थापितों को वापस उनके घर भेजने की व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए 10 करोड़ डालर संयुक्त राष्ट्र के ख़ाते में पहले से जमा है और बाकी पैसों के इंतज़ाम के लिए उसने दानकर्ता देशों से आगे आने की अपील की है. आठ अक्तूबर को आए इस भूकंप में लगभग एक लाख लोगों की जानें गईं थीं. रिक्टर पैमाने पर 7.6 की तीव्रता वाले इस भूकंप से उत्तरी पाकिस्तान और भारत का जम्मू कश्मीर राज्य सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ. सहायता योजना संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान सरकार और अन्य स्वंयसेवी संगठनों की मदद से पुनर्निर्माण योजना तैयार की है. पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के संयोजक जॉन वंडेमूर्टेल का कहना है कि सहायता योज़ना का पहला चरण संतोषजनक रहा है और हम इसे आगे भी बरकरार रख़ना चाहेंगे. उन्होंने कहा " हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जो सुविधायें लोगों को अभी राहत शिविरों में मिल रही है वही उन्हें अपने घरों में मिले" संयुक्त राष्ट्र भूकंप में क्षतिग्रस्त हो गए लगभग छह लाख घरों की मरम्मत को तरजीह दे रहा है और इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है. पेयजल, भोजन और साफ़ सफाई भी संयुक्त राष्ट्र की प्राथमिकताओं में शामिल है. भूकंप में बेघर हुए तीन लाख लोगों में से दो लाख अपने घरों को लौट चुके हैं लेकिन बचे हुए एक लाख लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं. वंडेमूर्टेल ने कहा कि भूकंप के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने छह अरब 20 करोड़ डालर की सहायता राशि देने का संकल्प व्यक्त किया था जिस पर अमल भी हो रहा है और उम्मीद है कि इस योजना के मद की शेष 20 करोड़ डालर की राशि जल्दी ही उपलब्ध हो जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें मदद के प्रयास हुए तेज़29 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र ने मदद की अपील की11 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना दुनिया के बड़े भूकंपों का लेखा-जोखा08 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना स्थिति सूनामी से भी बदतर: संयुक्त राष्ट्र20 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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