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ईसाई बननेवाले अब्दुल रहमान रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान सरकार ने कहा है कि इस्लाम छोड़ ईसाई बन जाने के कारण मौत की सज़ा दिए जाने का सामना करनेवाले नागरिक अब्दुल रहमान को रिहा कर दिया गया है. अफ़ग़ानिस्तान के न्याय मंत्री मोहम्मद सरवर दानिश ने कहा है कि रहमान को जेल से छोड़ दिया गया है. अधिकारियों में अब्दुल रहमान की मानसिक स्थिति ख़राब बताई है और कहा है कि वे मुक़दमे की सुनवाई में शामिल रहने में असमर्थ थे. इससे पहले कहा गया था कि अब्दुल रहमान ने किसी दूसरे देश में शरण माँगी है और संयुक्त राष्ट्र किसी ऐसे देश की तलाश कर रहा है जो रहमान को शरण दे सके. 16 साल पहले ईसाई धर्म को स्वीकार करनेवाले अब्दुल रहमान को दो सप्ताह पहले गिरफ़्तार कर लिया गया था. उनपर इस्लाम की अवहेलना का आरोप लगा था और दोबारा इस्लाम स्वीकार नहीं करने की सूरत में उन्हें मौत की सज़ा दी जा सकती थी. शरण संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता एड्रियन एडवर्ड्स ने कहा है जो भी देश इस मामले के शांतिपूर्ण हल चाहता हो वह अब्दुल रहमान को शरण दे सकता है. प्रवक्ता ने कहा है कि इस मसले को हल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र अफ़ग़ानिस्तान सरकार के साथ काम कर रहा है. रहमान को धर्म परिवर्तन के लिए मौत की सज़ा भी दी जा सकती थी मगर इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय जगत में काफ़ी तूल पकड़ा था. अमरीका समेत कई देशों ने इसे लेकर अफ़ग़ानिस्तान सरकार पर दबाव डालना शुरू किया था. फिर सबूतों में ख़ामियों की वजह से मामले को वापस एटॉर्नी जनरल के पास भेज दिया गया. अब्दुल रहमान 16 वर्षों तक अफ़ग़ानिस्तान से बाहर रहे और समझा जाता है कि जर्मनी में प्रवास के दौरान ही उन्होंने ईसाई धर्म स्वीकार किया. वैसे रहमान के मामले को ख़त्म करने के फ़ैसले के विरूद्ध हज़ारों अफ़ग़ान नागरिकों ने सोमवार को प्रदर्शन किए. | इससे जुड़ी ख़बरें सज़ा माफ़ी के विरोध में प्रदर्शन27 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस अब्दुल रहमान की रिहाई की संभावना बढ़ी26 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस पोप ने भी करज़ई से गुहार लगाई25 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस धर्मांतरित शख्स पर अफ़ग़ानिस्तान में बैठक25 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस 'धर्मांतरित अफ़ग़ान की रिहाई संभव'24 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस धर्मांतरण के कारण 'मौत के मुँह में'22 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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