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मनमोहन सिंह के सुझाव का स्वागत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने कहा है कि भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह जो प्रस्ताव पेश किया है उससे दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया को बढ़ावा मिल सकता है. हालाँकि पाकिस्तान ने व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को कश्मीर समस्या से नहीं जोड़ने के भारतीय आग्रह को अवास्तविक बताया है. पाकिस्तानी विदेश विभाग की प्रवक्ता तस्नीम असलम ने सोमवार को कहा कि नियंत्रण रेखा को अप्रासंगिक बना देने का प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का विचार पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के विचार से मेल खाता है. असलम ने इस संबंध में नियंत्रण रेखा को छह जगह पर खोलने की राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की पहल का भी ज़िक्र किया. पाकिस्तानी विदेश विभाग की प्रवक्ता ने दोनों देशों के बीच शांति संधि के मनमोहन सिंह के विचार के बारे में कहा कि कश्मीर मसले जैसी कई समस्याओं का समाधान नहीं हो पाने के कारण बना अविश्वास का माहौल ऐसी किसी संधि की राह में अवरोध है. तस्नीम असलम ने कहा कि कश्मीर समस्या के समाधान से दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने में बहुत मदद मिलेगी. मनमोहन सिंह की अपील भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमृतसर और पाकिस्तान के ननकाना साहिब के बीच बस सेवा शुरू होने के मौक़े पर शुक्रवार कोकहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति-सुरक्षा संधि होनी चाहिए. उन्होंने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की भी तारीफ़ की और कहा कि उन्होंने चरमपंथ पर अंकुश लगाने के लिए ठोस क़दम उठाए हैं. हालाँकि साथ ही उन्होंने कहा कि इस दिशा में और काम किया जाना बाकी है. मनमोहन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ द्विपक्षीय संबंधों को जम्मू कश्मीर के मुद्दे से जोड़ने की ग़लती करते हैं. उनका कहना था कि भारत कश्मीर समस्या का व्यावहारिक हल ढूंढने को तैयार है. | इससे जुड़ी ख़बरें पाक ने नई पेशकश का स्वागत किया 24 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस पाक ने की परमाणु सहमति की आलोचना 18 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीरी नेताओं की इस्लामाबाद में बैठक10 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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