BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 09 फ़रवरी, 2006 को 11:51 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
अंतुले कार्टून के लिए सज़ा के पक्ष में
एआर अंतुले
अंतुले को हाल ही में हुए मंत्रिमंडल फ़ेरबदल के बाद नए अल्पसंख्यक मंत्रालय का प्रभार दिया गया है
डेनमार्क में हज़रत मोहम्मद के कार्टून छापने के मामले में भारत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री अब्दुल रहमान अंतुले का कहना है कि किसी को भी किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का हक़ नहीं है.

इस पूरे विवाद पर भारत सरकार की ओर से आई पहली प्रतिक्रिया में अंतुले ने कहा है कि वे ऐसी शरारत करने वालों को सज़ा के पक्ष में हैं.

दंगों के विषय में उन्होंने कहा है कि देश में दंगे हुकुमत के संरक्षण के बिना नहीं होते.

हाल ही बनाए गए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे अंतुले ने बीबीसी संवाददाता रुपा झा से हुई विशेष बातचीत में इस बात से इंकार किया कि मंत्रालय अल्पसंख्यकों को तुष्ट करने के लिए बनाया गया है.

उन्होंने कहा कि इससे पहले तो केंद्र में एनडीए की सरकार थी तो उन्होंने कश्मीरी पंडितों के मामले में क्या किया.

अंतुले ने कहा, "एक तो ख़ुद कुछ न करें और कोई और करे तो उसे तुष्टिकरण बताएँ. यह ग़लत है."

उन्होंने इस मंत्रालय के गठन के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि पहले अल्पसंख्यकों से जुड़े मामले कई मंत्रालयों के पास थे और इससे उनके हितों की कई बार उपेक्षा हो जाती थी.

केंद्रीय मंत्री अंतुले ने कहा कि इसके लिए हुकुमत को दोषी ठहराया गया और वो दुर्भाग्य से कांग्रेस थी. तो अब कांग्रेस ने ही अल्पसंख्यकों के सारे मामलों को एक छत के नीचे लाने का फ़ैसला किया.

उन्होंने कहा कि इस मंत्रालय के गठन के बाद अल्पसंख्यकों के किसी मामले की उपेक्षा नहीं होगी.

उन्होंने इस बात से इंकार किया कि इस मंत्रालय के गठन से अल्पसंख्यकों को अलग-थलग करने जैसी कोई भावना जागेगी.

दंगे और हुकुमत

 हुकुमत जब चाहती है फ़साद होता है और जब हुकुमत चाहती है फ़साद रुक जाते हैं. पुलिस तभी तक शरारत करने वालों को संरक्षण देती है जब तक सियासी लोगों या जो मंत्री ऊपर बैठे हुए हैं उनका हाथ उनके सर पर होता है.तुम करो हम तुम्हारे साथ हैं
एआर अंतुले

दंगों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "हुकुमत जब चाहती है फ़साद होता है और जब हुकुमत चाहती है फ़साद रुक जाते हैं. पुलिस तभी तक शरारत करने वालों को संरक्षण देती है जब तक सियासी लोगों या जो मंत्री ऊपर बैठे हुए हैं उनका हाथ उनके सर पर होता है.तुम करो हम तुम्हारे साथ हैं."

उन्होंने कहा, "मारने वाला तब तक मारने की कोशिश करेगा जब तक उसको यक़ीन हो कि मारते वक़्त मैं नहीं मरुँगा."

गुजरात के लोगों को यूपीए सरकार के वादे के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश के अल्पसंख्यकों को इंसाफ़ की उम्मीद है. सिखों को बीस साल बाद इंसाफ़ मिल रहा है और गुजरात के लोगों को भी इंसाफ़ मिलेगा.

उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों को बीस साल इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा. अभी सरकार को बने बहुत समय नहीं हुआ है और उनकी कोशिश होगी कि अल्पसंख्यकों को मुख्यधारा में ला सकें.

उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों की उम्मीद है कि उनके साथ हो रही नाइंसाफ़ी ख़त्म हो जाए और उन्हें इंसाफ़ मिले.

कार्टून विवाद

हज़रत मोहम्मद के कार्टून से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी को भी किसी की धार्मिक भावनाएँ आहत करने का कोई हक़ नहीं है.

केंद्रीय मंत्री अंतुले ने कहा कि जिन्होंने भी ऐसा किया है उन्होंने घोर अपराध किया है.

उनका मानना है कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और ऐसा करने वालों को सबक सिखाना चाहिए और ऐसे शरारती लोगों को पहले सज़ा दी जानी चाहिए.

इससे जुड़ी ख़बरें
गुजरात में धर्मपरिवर्तन पर विवाद
19 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने की कोशिश
25 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>