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शनिवार, 04 फ़रवरी, 2006 को 00:12 GMT तक के समाचार
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नारियल आपूर्ति के लिए कोरियर सेवा...
मंदिर
मंदिर में हर रोज़ 15 हज़ार नारियल आते हैं
भारत में उड़ीसा राज्य के एक मंदिर में पूजा पाठ के लिए रोज़ाना 15 हज़ार नारियल आते हैं.

ऐसे में सवाल उठना स्वभाविक है कि रोज़ इतने नारियलों की आपूर्ति सुनिश्चित कैसे होती है.

नारियलों की आपूर्ति की ज़िम्मेदारी भक्तों पर ही रहती है जो एक अनोख़ी स्वैच्छिक कोरियर सेवा का इस्तेमाल करते हैं ताकि रोज़ मंदिर में नारियल पहुँच सकें.

ये कोरियर सेवा मुफ़्त होती है. बक्सों में रखे नारियल दूसरे मंदिरों और यात्री बसों के ज़रिए माँ तारिनी मंदिर तक पहुँचाए जाते हैं. कई भक्त स्वंय नारियल लेकर मंदिर आते हैं.

माँ तारिनी का ये मंदिर उड़ीसा राज्य के घाटगाँव इलाक़े में है.

 ये अपनी तरह की धार्मिक कोरियर सेवा है जो शायद भारत में और कहीं नहीं है
गुरचरन सिंह, सचिव, मंदिर प्रशासन

मंदिर प्रशासन के प्रवक्ता गुरचरन सिंह बताते हैं," ये अपनी तरह की धार्मिक कोरियर सेवा है जो शायद भारत में और कहीं नहीं है."

अगर उड़ीसा में सड़क मार्ग पर कोई नारियल लेकर खड़ा रहे तो वहाँ से गुज़रने वाली बस रुक जाती है और बस चालक उस व्यक्ति से नारियल लेकर मंदिर तक पहुँचाता है.

अगर ये बस मंदिर की ओर नहीं भी जा रही हो, तो बस चालक नारियल रास्ते में रखे बक्से में ज़रूर डाल देता है. ये बक्से ख़ास तौर पर नारियल इकट्ठा करने के लिए रास्ते में रखे गए हैं.

मंदिर में आए नारियलों में से सैकड़ों देवी के चरणों में चढ़ाए जाते हैं जबकि बाकी स्थानीय दुकानदारों को सस्ते दामों पर बेच दिए जाते हैं.

इसके चलते ज़िले में नारियल की मिठाई का व्यवसाय भी होता है.

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