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क्या हैं योजना से जुड़ी आशंकाएँ? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना आधिकारिक रुप से गुरुवार को लागू हो गई. इस योजना को ग़रीब लोगों की मदद करने के नज़रिए से काफ़ी अहम माना जा रहा है. हालांकि भारत काफ़ी तेज़ी से आर्थिक प्रगति कर रहा है लेकिन इस प्रगति का लाभ ग्रामीण तबके के ग़रीब लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुँच पाया है. रोज़गार गारंटी योजना ग़रीब लोगों के लिए एक तरह के सेफ़टी नेट की तरह काम करेगी यानि इन लोगों का जीवन और सुरक्षित बनाने में मदद करेगी. इसका मतलब ये हुआ कि जब कभी गाँवों में सूखा आए या कोई बीमारी फैल जाए तो लोग आर्थिक तौर पर थोड़ा सुरक्षित महसूस करें. ये योजना आर्थिक विकास से मिलने वाले फ़ायदों को उन लोगों तक पहुँचाने का प्रयास है जिन तक अभी ये फ़ायदा नहीं पहुँच पाया है. इस अनियमितता के पीछे के कारणों को तो दूर शायद ये योजना दूर न कर पाए लेकिन इससे ग़रीब लोगों को कुछ आर्थिक मदद ज़रूर मिलेगी. कुछ लोगों का कहना है कि रोज़गार गारंटी योजना, ग़रीबी से निपटने की सरकार की इच्छा शक्ति दर्शाती है. योजना पर केंद्र सरकार को काफ़ी पैसा खर्च करना होगा और कुछ लोग इसे लेकर चिंतित हैं. क्रियान्वयन किसी भी योजना की सफलता इस पर निर्भर करती है कि उसे कैसे लागू किया गया है. क्या पैसा उन लोगों तक पहुँचेगा जिन्हें पैसों की ज़रूरत है और क्या इसमें पारदर्शिता बरती जाएगी? इन सवालों को लेकर चिंता जताई जा रही है. इस योजना की सफलता अलग अलग राज्यों में अलग अलग हो सकती है. योजना को कुशलता से लागू करने में भ्रष्टाचार और कुशासन भी अहम मुद्दे हैं. इसके अलावा इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि सरकार लोगों को किस तरह का काम देगी. विशेषज्ञों का कहना है कि योजना के तहत मिलने वाला काम लोगों की ज़रूरतों के हिसाब से होना चाहिए और इसमें लचीलापन होना चाहिए. अगर राज्य सरकारें इस योजना को सिर्फ़ इस नज़रीए से देखेंगी कि उन्हें सस्ती दरों पर मज़दूर मिल जाएँगे तो इससे योजना का मकसद पूरा नहीं होगा. इस योजना को लेकर एक चिंता और जताई जा रही है. ये योजना एक तरह का सामाजिक बीमा है लेकिन ये सिर्फ़ शारीरिक रुप से सक्षम लोगों की ही मदद करती है जो मज़दूरी कर सकते हैं. केंद्र सरकार के लिए ये योजना एक तरह के राजनीतिक जुए की तरह है. कई आर्थिक सुधारों को लागू करने में केंद्र सरकार को अपनी सहयोगी पार्टियों का विरोध झेलना पड़ा है. अब सरकार के लिए ये एक चुनौती रहेगी कि क्या ये योजना वाकई कारगर साबित होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत की सबसे बड़ी रोज़गार योजना लागू02 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 200 ज़िलों में रोज़गार गारंटी योजना01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस रोज़गार गारंटी विधेयक पारित23 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस रोज़गार गारंटी विधेयक पर शंकाएँ19 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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