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संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों को हिदायत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने अपने कर्मचारियों को पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के भूकंप प्रभावित इलाक़ों में रात को बाहर न निकलने की हिदायत दी है. ये हिदायत कुछ सुरक्षा संबंधी सूचनाएँ मिलने के बाद जारी की गई हैं. इसके अलावा मोहर्रम का महीना शुरू होने के कारण भी संयुक्त राष्ट्र ने अपने कर्मचारियों को आगाह किया है. मुहर्रम का महीना होने की वजह से पाकिस्तान में सुरक्षा बलों को क़ानून-व्यवस्था की ड्यूटी पर लगाया गया है इसलिए संयुक्त राष्ट्र ने कर्मचारियों को आगाह रखने की ख़ास हिदायत दी गई है. संयुक्त राष्ट्र ने सुरक्षा नोटिस में कहा है कि सभी कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी हिदायतों का पालन करना चाहिए. सतर्कता कर्मचारियों से कहा गया है कि वो अकेले बाहर न जाएँ और ख़ास तौर पर मुज़फ़्फ़राबाद शहर में तो पैदल क़तई न निकलें. उनसे कहा गया है कि भीड़भाड़ भरे इलाक़ों, बाज़ारों में न जाएँ और रात को बाहर न जाएँ. संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों को गाड़ियाँ मुहैया करवाने वाली एजेंसियों से भी कहा गया है कि वो शाम ढलने से पहले उन्हें उनके मुक़ाम तक पहुँचा दें. साथ ही उनसे काफ़िले में सफ़र करने को भी कहा गया है. मुज़फ़्फ़राबाद में संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान सरकार की है. | इससे जुड़ी ख़बरें संयुक्त राष्ट्र की सबसे बड़ी राहत अपील01 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र ने मदद की अपील की11 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र ने नियम सख़्त किए19 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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