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बोफ़ोर्स पर जेटली ने उठाए सवाल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इतालवी व्यवसायी ओतावियो क्वात्रोची को बोफ़ोर्स मामले में क्लीन चिट दिए जाने के सरकार के फ़ैसले पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं और कहा है कि सरकार को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए. भाजपा महासचिव अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक लंबा पत्र लिखा है. इस पत्र में जेटली ने लिखा है कि सरकार को चाहिए कि वह तत्काल अपने इस फ़ैसले को बदले कि क्वात्रोची के ब्रितानी बैंक खातों को खोल दिया जाए. उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों भारत सरकार ने कहा था कि सीबीआई के पास इटली के व्यापारी ओतावियो क़्वात्रोची के ख़िलाफ़ बोफ़ोर्स मामले में कोई सबूत नहीं मिले हैं और इसकी जानकारी ब्रिटिश सरकार को दे दी गई है. दूसरी ओर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें सरकार की कार्रवाई पर रोक लगाने की माँग की गई है. भाजपा ने भी सरकार के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ कड़ी आपत्ति जताई है. क़ानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि ब्रिटिश सरकार और वहाँ की अदालत ने पिछले दो साल से क्वात्रोची के ख़िलाफ़ सबूत माँगे थे. ब्रिटिश सरकार ने तीन साल पहले भारत सरकार के अनुरोध पर क्वात्रोची के ब्रिटेन के बैंक खातों पर रोक लगा दी थी. भारद्वाज के इस बयान के बाद से भारत में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है और विधि मंत्रालय तथा कार्मिक मंत्रालय की कार्रवाइयों पर सवाल उठाए जा रहे हैं. सवाल अरूण जेटली ने अपने पत्र में मूल रुप से तीन सवाल उठाए हैं.
पहला यह कि सरकार में किसी तरह की जवाबदेही है भी या नहीं. वे कहते हैं कि इस सरकार के मंत्री जवाबदेही के साथ काम नहीं कर रहे हैं. दूसरा उन्होंने कहा, "सुना है प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि विधि मंत्रालय की कार्रवाई का उनको पता नहीं था यदि ऐसा है तो ये समझ में नहीं आता कि सरकार किस तरह चल रही है." अरुण जेटली का तीसरा सवाल है, "जिस क्वात्रोची की बोफ़ोर्स मामले में साफ़ मिलीभगत दिखती है, जिसके ख़िलाफ़ रेडकॉर्नर अलर्ट है, उसे क्लीन चिट देना क्या अपराधी की सहायता करने जैसा नहीं है?" बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि सरकार को चाहिए कि वह तुरंत ही अपने इस फ़ैसले को पलटे जिसमें उनके ब्रितानी खातों को खोलने की बात कही गई थी. उनका कहना है कि एक बार खाते खुल गए और पैसे का लेनदेन हो गया तो क्या अर्थ रह जाएगा. उन्होंने इस बात का खंडन किया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने कभी क्वात्रोची को कभी दोषमुक्त करार दिया था. संसद में दूसरी ओर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा बोफ़ोर्स मामले को संसद के बजट सत्र में उठाएगी और सरकार को घेरेगी. उन्होंने कहा है कि इस मामले को लेकर भाजपा सड़कों पर भी उतरेगी. अरुण जेटली की तरह उन्होंने भी इस बात पर आश्चर्य जताया कि इस मामले में जो भी कार्रवाई हुई उससे प्रधानमंत्री अवगत नहीं थे. उल्लेखनीय है कि बोफ़ोर्स तोप ख़रीदी के मामले में दलाली लिए जाने के मामले में क्वात्रोची को अभियुक्त बनाया गया था. यह मामला राजीव गाँधी के प्रधानमंत्रित्व काल की है. | इससे जुड़ी ख़बरें सीबीआई की कार्यक्षमता पर सवाल13 जून, 2005 | भारत और पड़ोस बोफ़ोर्स मामले पर राजनीति तेज़01 जून, 2005 | भारत और पड़ोस बोफ़ोर्स मामले में हिंदुजा बंधु बरी31 मई, 2005 | भारत और पड़ोस 'आडवाणी जी से तभी पेशकश की थी'18 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस इस चुनाव में भी 'बोफ़ोर्स' उछला09 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस बोफ़ोर्स मामले में लगा झटका | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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